गुड न्यूज: कम नशे वाली भांग से बनेगी कैंसर की दवा, मोटापा भी घटाएगी; किसानों की बढ़ेगी आय
सीएसआईआर-सीमैप लखनऊ के वैज्ञानिकों ने 8 साल की मेहनत के बाद भांग (कैनाबिस) की एक नई किस्म विकसित की है। यह नई प्रजाति कैंसर रोधी तथा दर्द निवारक दवाओं के लिए उपयोगी होगी। ट्रायल सफल होने के बाद, अब किसान आबकारी विभाग से लाइसेंस लेकर इसकी खेती कर सकते हैं।

सीएसआईआर-केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीमैप) लखनऊ के वैज्ञानिकों ने आठ वर्ष की अथक मेहनत के बाद एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सीमैप ने कम नशे और उच्च औषधीय गुणों से भरपूर कैनाबिस (भांग) की एक नई प्रजाति तैयार की है, जिसका परिसर में ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।
नारकोटिक्स कानून के अनुरूप
इस शोध को फूड रिसर्च इंटरनेशनल पत्रिका में भी प्रकाशित किया गया है। वैज्ञानिक डॉ. बीरेंद्र कुमार ने बताया कि इस नई किस्म में साइकोएक्टिव तत्व टेट्राहाइड्रो-कैनाबिनोल (टीएचसी) के स्तर को 0.3 प्रतिशत से नीचे लाया गया है। 0.3 फीसदी से कम टीएचसी होने के कारण यह प्रजाति नारकोटिक्स कानून के मानकों के अनुरूप है।
किसानों के लिए खुले नए रास्ते
सीमैप निदेशक प्रबोध त्रिवेदी ने बताया कि आने वाले समय में इस किस्म के बीज किसानों को खेती के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। अब तक भांग की खेती केवल शोध कार्यों के लिए ही लाइसेंसीकृत थी, लेकिन नई प्रजाति में मानक से कम नशा होने के कारण किसान आबकारी विभाग से लाइसेंस लेकर इसकी खेती कर सकेंगे। इससे किसानों की आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी।
दर्द निवारक दवाओं में उपयोग
वैज्ञानिकों के अनुसार, भांग का उपयोग सदियों से दर्द निवारक दवाओं में होता रहा है। इसकी नई किस्म कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों में दर्द निवारक दवाओं के निर्माण में नई संभावनाएं पैदा करेगी। इसके तेल का प्रयोग मुंहासे, एक्जिमा, सोरायसिस और सूजन कम करने वाली दवाओं में भी किया जाता है, साथ ही यह भूख बढ़ाने और मोटापा घटाने में भी सहायक है।

लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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