
गुड न्यूज: यूपी में बढ़ रही है अच्छे ड्राइवरों की मांग, आईटीआई में होने जा रही ये बड़ी पहल
उत्तर प्रदेश में पर्यटक तेजी से बढ़ रहे हैं। ट्रैवलिंग एप की मदद से भी बड़ी संख्या में लोग वाहन बुक कर रहे हैं। ऐसे में दक्ष ड्राइवरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ट्रैवलिंग एप ओला, उबर और रेपिडो इत्यादि की मदद से युवा आसानी से स्वरोजगार की ओर बढ़ रहे हैं और धन भी कमा रहे हैं।
Driving Schools in Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में अब दक्ष ड्राइवर भी तैयार किए जाएंगे। अच्छे ड्राइवर तैयार करने के लिए यहां पर मॉडर्न ट्रेनिंग स्कूल स्थापित किया जाएगा। जिसकी मदद से विद्यार्थी आसानी से वाहन चलाना सीख सकेंगे। यहां थ्री-डी ड्राइविंग सिम्युलेटर की मदद से उन्हें हल्के और भारी वाहन चलाने की बारीकियां सिखाई जाएंगी। फिर फील्ड में भी ट्रेनिंग दी जाएगी। अच्छे चालक तैयार किए जाएंगे।

व्यावसायिक शिक्षा विभाग की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रदेश में तेजी से पर्यटक बढ़ रहे हैं और ट्रैवलिंग एप की मदद से भी बड़ी संख्या में लोग वाहन बुक कर रहे हैं। ऐसे में दक्ष ड्राइवरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ट्रैवलिंग एप ओला, उबर और रेपिडो इत्यादि की मदद से युवा आसानी से स्वरोजगार की ओर बढ़ रहे हैं और धन भी कमा रहे हैं। ऐसे में आईटीआई में विद्यार्थियों को इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी। 200 घंटे की थ्री-डी ड्राइविंग सिम्युलेटर की मदद से विद्यार्थियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। वह वर्कशॉप में थ्री-डी ड्राइविंग सिम्युलेटर और प्रशिक्षक के माध्यम से ट्रेनिंग लेंगे। थ्री-डी की मदद से वह कंप्यूटर पर ही आभासी ड्राइविंग करेंगे। बिल्कुल कंप्यूटर पर गेम की तरह ही वह वाहन का खुद गियर बदलेंगे और ब्रेक लगाएंगे। जिससे उन्हें आसानी से वाहन चलाने की बारीकियां सिखाई जा सकेंगी।
विद्यार्थियों के लिए यह कोर्स वर्तमान शैक्षिक सत्र 2025-26 से ही शुरू करने की तैयारी की जा रही है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत अभी 10 जिलों की आईटीआई में यह शुरू किया जाएगा और फिर आगे सभी आईटीआई में इसका विस्तार किया जाएगा। ड्राइविंग कोर्स करने का विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। यही नहीं उनका ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवाया जाएगा। आईटीआई में यह कोर्स चलाने का निर्णय लगातार बढ़ रही दक्ष वाहन चालकों की मांग को देखते हुए किया जा रहा है।
विद्यार्थियों को वाहन चलाने की ट्रेनिंग
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिलदेव अग्रवाल ने बताया कि आईटीआई में विद्यार्थियों को वाहन चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। सिम्युलेटर के माध्यम से और फील्ड में जाकर भी उन्हें गाड़ी चलाने की बारीकियां सिखाई जाएंगी। विद्यार्थी स्वरोजगार कर खुद अपनी कमाई कर सकें, इसके लिए यह पहल की जा रही है। क्योंकि दक्ष ड्राइवरों की लगातार मांग बढ़ रही है और इस कमी को पूरा करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। ट्रेनिंग लेने के बाद युवा सीधे रोजगार से जुड़ सकेंगे।
रोजगार दिलाने के लिए भी विभाग करेगा पहल
तमाम होटल और कंपनियों में दक्ष ड्राइवरों की मांग होती है लेकिन उन्हें यह ढूंढ़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसे में अब विभाग की मदद से ट्रेनिंग लेने वालों का प्लेसमेंट कराया जाएगा। उन्हें बेहतर ढंग से रोजगार मिलेगा और तमाम युवा स्वरोजगार की तरफ भी कदम बढ़ाएंगे। ट्रेनिंग की शुरुआत जल्द करने की तैयार की जा रही है।





