UP के लिए गुड न्यूज, सितंबर में भी कम आएगा बिजली का बिल; कितना घटेगा
मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए खुशखबरी है। उत्तर प्रदेश के घरों के लिए जुलाई से शुरू हुआ बिजली बिल पर राहत का दौर अगस्त के बाद अब सितंबर में भी जारी रहने के आसार हैं। खबर है कि इस बार भी जनता को बड़ी छूट के साथ बिल भरने का मौका मिलेगा।

उत्तर प्रदेश की जनता के लिए एक गुड न्यूज है। खबर है कि आने वाले महीने यानी सितंबर में जनता को कम बिजली बिल भरना होगा। आंकड़ों में समझें, तो बिल में 7 फीसदी से ज्यादा की कमी हो सकती है। बिजली विभाग के अधिकारियों ने इसकी वजह भी बता दी है। खास बात है कि जुलाई और अगस्त के बाद यह लगातार तीसरा मौका होगा, जब उपभोक्ता को बिजली का बिल कम भरना होगा।
खबरें हैं कि पावर कॉर्पोरेशन जल्द ही ईंधन अधिभार शुल्क की दर जारी कर सकता है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा इसकी वजह भी बता रहे हैं। उन्होंने कहा है कि सितंबर में ईंधन अधिभार में होने वाली कमी अब तक की सबसे बड़ी कमी साबित हो सकती है।
जुलाई में क्या हुआ
जून में पहले ही ज्यादा बिल का सामना कर चुकी जनता को जुलाई में कुछ राहत मिली। तब यूपी के घरों को बिल में 4.43 प्रतिशत की छूट मिली थी। दरअसल, यूपी में बिल पर 10 प्रतिशत ज्यादा वसूला गया था और इसपर जमकर हंगामा भी हुआ था। इसके बाद नियामक आयोग हरकत में आया और नतीजा निकला कि ईंधन अधिभार शुल्क को ही गलत गिना गया था। साथ ही कहा गया कि बकाया भुगतान को ईंधन अधिभार शुल्क में नहीं जोड़ा जा सकता है।
फिर घटता गया बिल
आयोग की तरफ से जारी आदेश के बाद बिजली बिलों में 4.43 फीसदी की कमी हुई और यही सिलसिला अगस्त में भी जारी रहा। तब घरों ने 2.92 प्रतिशत की रियायत के साथ बिजली का भुगतान किया था। ताजा आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि जेब पर राहत का यह दौर सितंबर में भी जारी रह सकता है।
बढ़ने वाला है बिजली लोड
वर्मा का सुझाव है कि यूपी सरकार को विद्युत उत्पादन क्षमता, ऊर्जा भंडारण जैसे क्षेत्रों में ज्यादा निवेश पर गौर करना चाहिए। उन्होंने कहा है कि आने वाले 7 सालों में राज्यों में बिजली की मांग करीब दोगुनी होने के आसार हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में बिजली की मांग अपने चरम पर पहुंच जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से उत्पादन पर ध्यान दिए जाने की जरूरत बताई है।
UPERC का नया ड्राफ्ट ग्रिड कोड
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने 5 अगस्त को ड्राफ्ट उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड कोड-2026 जारी कर दिया है। यह नया ग्रिड कोड वर्ष 2007 से लागू ग्रिड कोड का स्थान लेगा और केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) के इंडियन इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड कोड (IEGC)-2023 के अनुरूप तैयार किया गया है। ड्राफ्ट ग्रिड कोड में पिछले लगभग दो दशकों के दौरान बिजली क्षेत्र में हुए तकनीकी, नियामकीय और परिचालन संबंधी बदलावों को शामिल किया गया है।


