यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को मिलने ही वाली है गुड न्यूज, जल्द वापस हो सकता है ये आदेश
नियामक आयोग ने पावर कॉरपोरेशन को स्पष्ट कर दिया था कि ईंधन अधिभार मद में पुराने भुगतान को जोड़ने की व्यवस्था नहीं है। पुराने बकाया को जोड़कर उसकी भरपाई के लिए ईंधन अधिभार शुल्क में 10 प्रतिशत वसूली नियमों के विपरीत है। पावर कॉरपोरेशन ने तत्काल 10 परसेंट अतिरिक्त वसूली का आदेश वापस नहीं लिया है।
UP News : इस महीने के बिजली बिल में 10 प्रतिशत अतिरिक्त वसूली का आदेश जल्द वापस हो सकता है। पावर कॉरपोरेशन के उच्चाधिकारियों की टीम मंगलवार को नियामक आयोग पहुंची थी। सूत्रों के मुताबिक आयोग में बातचीत का मुख्य मुद्दा 10 प्रतिशत अतिरिक्त वसूली ही था। इससे पहले नियामक आयोग ने 10 प्रतिशत अतिरिक्त वसूली के आदेश को नियमों के विपरीत बता दिया था।
नियामक आयोग ने सोमवार को पावर कॉरपोरेशन को स्पष्ट कर दिया था कि ईंधन अधिभार मद में पुराने भुगतान को जोड़ने की व्यवस्था नहीं है। पुराने बकाया को जोड़कर उसकी भरपाई के लिए ईंधन अधिभार शुल्क में 10 प्रतिशत वसूली नियमों के विपरीत है। आयोग के इस आदेश के बाद भी पावर कॉरपोरेशन ने तत्काल तो 10 प्रतिशत अतिरिक्त वसूली का आदेश वापस नहीं लिया है। बिलिंग सॉफ्टवेयर में भी 10 प्रतिशत अतिरिक्त वसूली के आदेश यथावत हैं। हालांकि, सूत्र बताते हैं कि मंगलवार को पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों की नियामक आयोग में हुई बैठक के बाद आदेश जल्द वापस हो सकते हैं।
गैरकानूनी आदेश से नहीं हो सकती उपभोक्ताओं से वसूली
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि गैरकानूनी आदेश न तो प्रभावी हो सकता है और न ही उससे वसूली हो सकती है। उन्होंने आयोग के आदेश के बाद इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि आयोग के आदेश के बावजूद अगर पावर कॉरपारेशन 10 प्रतिशत वसूली के आदेश को बरकरार रखता है तो इससे लगभग 3.73 करोड़ विद्युत उपभोक्ताओं के हितों को नुकसान पहुंचेगा।
पावर कारपोरेशन ने दिया था ये आदेश
पावर कॉरपोरेशन ने मार्च में ईंधन अधिभार शुल्क का समायोजन करते हुए जून के बिल में 10 फीसदी वसूली के आदेश दिए थे। पावर कॉरपोरेशन ने साफ कर दिया था कि अपीलीय न्यायाधिकरण के आदेशों के पालन में किए गए भुगतान की रकम को भी जोड़ कर समायोजित किया गया है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की सोमवार को दाखिल याचिका में इसको अधिभार में समायोजित करने पर आपत्ति की गई।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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