बोले गोंडा : व्यवस्था के नाम पर ढेरों काम, फिर भी लग रहा भीषण जाम
Gonda News - शहर के चौराहों पर जाम की गंभीर समस्या है, जिससे आम जनता परेशान है। अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण एम्बुलेंस समेत कई वाहन जाम में फंस जाते हैं। व्यापार संघ के लोग प्रशासन से राहत की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

शहर के मुख्य चौराहों पर जाम का झाम हर घंटे राहगीर झेलते हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति शहर के उन चौराहों की है, जहां इमरजेंसी में आवागमन होता है। इसमें रोडवेज, महिला अस्पताल रोड, जिला अस्पताल, उतरौला रोड व गुड्डुमल चौराहा है। यहां हर घंटे जाम लगता है, जिसे हटाने में यातायात पुलिस व सिविल पुलिस को पसीना छूट जाता है। गोण्डा। शहर में सुबह से रात तक जिंदगी दौड़ती है। दुकानें खुलती हैं, रोजगार चलता है, लोग अपनी जरूरतों के हिसाब से बाजार से गुजरते हैं। लेकिन शहर की सड़कें जाम, अतिक्रमण और अव्यवस्था की गिरफ्त में आ जाते हैं।
इसी पीड़ा को लेकर व्यापार संघ के व्यापारी परेशान हैं, उन्हें सड़क पर बढ़ते अतिक्रमण, लगातार लगने वाले जाम से निजात जैसे मुद्दे सता रहे हैं। सुबह जब लोग अपने ऑफिस व कारोबार के लिए निकलते हैं तो, उनके मन में यही चिंता रहती है कि कहीं जाम में फंसकर देर न हो जाए। सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति तब बनती है जब एम्बुलेंस या अन्य आपातकालीन वाहन इस जाम में फंस जाते हैं। कई बार मरीज अस्पताल पहुंचने से पहले ही जाम में फंसकर गंभीर स्थिति में पहुंच जाते है। कईयों की मौत भी जाम में हो जाती है। इस स्थिति के बावजूद भी जिम्मेदार मूकदर्शक बने रहते हैं। स्टेशन रोड पर ईदगाह कट हो या उसके आगे मेडिकल कॉलेज से पहले रोड पर कार पार्क होने से दोनों तरफ हर वक्त जाम की समस्या बनी रहती है। इसी तरह आईटीआई चौराहा, एलबीएस, गुड्डूमल चौराहे पर जाम की समस्या आम बात हो चुकी है। भारी वाहनों की आवाजाही, टेम्पो-रिक्शा की अव्यवस्थित पार्किंग और सड़कों पर फैले अतिक्रमण ने मिलकर एक ऐसा जाल बुन दिया है, जिससे बाहर निकलना आम जनता के लिए मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई की जाए, जिससे यातायात सुगम हो सके। जाम के चलते न सिर्फ वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ती है, बल्कि उस क्षेत्र का व्यापार भी ठप हो जाता है। शहर के ठठेरी बाजार में सैकड़ों दुकानें एवं शोरूम हैं। यहां पटरियों पर कब्जा है जाम के चलते वाहन चालक वहां रूकने से कतराते हैं। हर फोरम पर उठाई जाती आवाज, लेकिन धरातल पर अमल नहीं शहर में जाम को लेकर व्यापारी नेताओं द्वारा बैठकों में कई बार जिला प्रशासन को सुझाव दिए गए, लेकिन उसके बाद कभी उस पर ध्यान नही दिया गया। आए दिन जाम से लोग परेशान रहते हैं, वहीं पार्किंग को लेकर शहर में कई बार मुद्दा उठा और प्रशासन और नगर पालिका अधिकारियों द्वारा पार्किंग के लिए शहर के कई स्थानों का निरीक्षण भी किया गया लेकिन आज तक शहर को एक अदद पार्किंग स्थल नहीं मिल सका। व्यापार मंडल के पदाधिकारी शिवराज सिंह का कहना है कि शहर के जाम से मुक्त करवाने के लिए प्रशासन को मास्टर प्लान बनाना चाहिए जिसमें पार्किंग से लेकर शहर के रूटों पर लगने वाले जाम से निजात मिल सके। जाम में फंसते है सैकड़ों वाहन, पुलिस नदारद रहती शहर के उतरौला रोड़ और मनकापुर बाईपास पर रोज जाम में लोग फंसते हैं । इस जाम में कई स्कूल बस और एंबुलेंस समेत सैकड़ों वाहन फंसे रहते है। इस दौरान ज्यादा पुलिस नदारद रहती है। वैसे शहर में चलने वाले ई-रिक्शों का यातायात पुलिस ने रूट तय किया है, जिस रास्ते से ई-रिक्शा गुजरेगा, उस रास्ते से वापस नहीं लौटेगा। व्यवस्था लागू हुए महीनों हुए जिससे चौक बाजार में जाम से राहत मिली है। हालांकि ज्यादातर व्यापारी इसके पक्ष में नहीं और उनका तर्क है कि इससे ग्राहक अन्दर चौक बाजार में नहीं आ पाते जिससे बड़ी संख्या में ग्राहकों का आगमन प्रतिष्ठानों पर घटा है। लेकिन जाम से छुटकारा पाने की प्रशासन की कवायद से चौक बाजार क्षेत्र में जाम से कुछ राहत मिली है। यातायात प्रभारी ने बताया कि गुरुनानक चौराहे से महराजगंज चौराहे तक वन-वे व्यवस्था की गई है। बताया कि मनकापुर तिराहे से आने वाले ई-रिक्शा महराजगंज तिराहा, एक्ट तिराहा, मनोरंजन तिराहा से राधाकुंड होते हुए एलबीएस चौराहा जाएंगे। वहीं गुरुनानक चौक से महाराजगंज तिराहे ई-रिक्शा आने दिया जायेगा, जो वापसी के लिए या तो मनकापुर तिराहे से बडगांव चौराहे के रास्ते आए, या फिर चौक के एकता तिराहे, मनोरंजन तिराहे, राधाकुंड से होते हुए एलबीएस चौराहा की ओर जाते हैं। ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से बढ़ी परेशानी नगर में संचालित ई-रिक्शा पर किसी का नियंत्रण नहीं होने से शहर की यातायात व्यवस्था बिगड़ती चली जा रही है। हालत यह है कि स्टेशन रोड व चौक बाजार, कचेहरी रोड आदि सड़कों पर कुछ जगहों ये मनमाने ढंग से अस्थाई स्टैंड बना लिए गए हैं। ई-रिक्शा वाले जाम लगने के बाद भी सड़क से ई-रिक्शा नहीं हटाते। स्थिति यह है कि शहर के अंदर किसी मार्ग पर इनकी संख्या क्या होगी और कहां सवारी बैठाएंगे, इसका निर्धारण नहीं हो सका। जाम के मुख्य कारण शहर में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे सड़कों पर दबाव बढ़ रहा है। शहर में हर रोड पर अवैध अतिक्रमण के कारण सड़कों पर जगह कम हो जाती है, जिससे जाम लग जाता है। यातायात पुलिसकर्मियों का ध्यान चालान काटने पर रहता है, यातायात सुचारू करने के लिए कोई पुख्ता कदम नहीं उठाए जाते हैं। वहीं सड़कों के किनारे अवैध पार्किंग की समस्या जिला मुख्यालय पर आम बात हो चुकी है। स्टेशन रोड, एलबीएस चौराहा, लखनऊ रोड, बहराइच रोड, उतरौला रोड पर दुकानों के बाहर पार्किंग से जाम लगा रहता है। प्रस्तुति : इरफान अंसारी बोले लोग ---------------- गुड्डूमल चौराहे पर हनुमानगढ़ी रोड पर लगे बैरिकेडिंग को तत्काल हटवाना चाहिए। यहां अक्सर जाम लगा रहता है। - किशन राजपाल शहर में जाम से लोग परेशान हैं। जिम्मेदारों को इससे संबंधित प्लान बनाना चाहिए। जिससे मुख्य चौराहे पर लग रहे जाम से राहत मिले। -प्रदीप यादव यह सिर्फ यातायात की समस्या नहीं, बल्कि लोगों के जीवन पर हमला है। गुड्डूमल से मालवीय नगर जाने वाली रोड से बैरिकेडिंग हटाएं। - अजय करन शहर के चुंगी नाका चौराहे पर रोज जाम लगा रहता है। कोई ट्रैफिक पुलिस नहीं नजर आता है। यहां पुलिस कर्मियों की तैनाती हो। - फिरोज, युवा समाजसेवी बोले जिम्मेदार ------------------ यातायात व्यवस्था को दुरूस्त रखने के लिए जवानों को चौराहों पर तैनात किया गया है। जहां जाम अधिक लगता है, ऐसे प्वाइंट पर हमेशा निगाह रहती है। जाम लगते ही वहां पहुंचकर जाम हटवाया जाता है। शहर में जाम न लगे, इसका भरपूर प्रयास किया जाता है। - जगदंबा गुप्ता, यातायात निरीक्षक
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