Gonda News: बेसिक स्कूलों में चूल्हे पर पक रहा एमडीएम, घुट रहा रसोइयों का दम
Gonda News: गोण्डा में परिषदीय स्कूलों के रसोइयों को लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाना पड़ रहा है, जबकि प्रदेश में एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध हैं। जिले में करीब 300,000 बच्चों के लिए भोजन तैयार होता है। कई स्कूलों में गैस सिलेंडरों की कमी है, जिससे रसोइयों को धुएं में काम करना पड़ रहा है।

Gonda News: गोण्डा, हिटी। परिषदीय स्कूलों में बच्चों की थाली में गर्म और पौष्टिक भोजन पहुंचाने वाली सरकारी व्यवस्था की रसोई खुद धुएं में घुट रही है। जिले के 2609 परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन तैयार करने वाली 7,200 से अधिक रसोइयों में से तमाम आज भी लकड़ी के चूल्हे की आग और धुएं के बीच काम करने को मजबूर हैं। एलपीजी सिलेंडर और आधुनिक रसोई के दावों के बीच स्कूलों की यह तस्वीर व्यवस्था की हकीकत बयां कर रही है। प्रेरणा पोर्टल की जानकारी के मुताबिक जिले में करीब तीन लाख से अधिक बच्चों के लिए रोजाना भोजन तैयार होता है। मगर बच्चों तक गर्म निवाला पहुंचाने वाले हाथों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लग रहे हैं। सुबह से दोपहर तक चूल्हे के सामने बैठी रसोइयों की आंखों में जलन और सांसों में घुलता धुआं उनकी रोजमर्रा की मजबूरी है। बंद रसोईघर में लकड़ी जलने से उठता धुआं सीधे उनके स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। डीसी एमडीएम गणेश गुप्ता ने बताया कि जिले में सभी स्कूलों में एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध है। गैस सिलेंडर की किल्लत मार्च से बढ़ी है। एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने को लेकर डीएसओ को पत्र भेजा गया है।
रसोई की वास्तविकता
वजीरगंज शिक्षा क्षेत्र के 175 परिषदीय विद्यालयों की पड़ताल में व्यवस्था की दो तस्वीरें सामने आई। प्राथमिक विद्यालय अनभुला द्वितीय में 72 बच्चे उपस्थित मिले और भोजन एलपीजी सिलेंडर के जरिए पकता मिला। कंपोजिट विद्यालय भटपुरवा में भी गैस चूल्हे से भोजन तैयार किया जा रहा था। वहीं प्राथमिक विद्यालय गुलरिया चंदापुर में रसोइया लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बनाती मिली। यहां 108 में 60 बच्चे उपस्थित थे। प्रधानाध्यापिका पूजा स्वर्णकार ने बताया कि विद्यालय का गैस सिलेंडर चोरी हो गया है, इसलिए मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है।
गैस की कमी और समस्या
रुपईडीह क्षेत्र के करीब एक dozen से अधिक विद्यालयों में गैस उपलब्ध न होने के चलते रसोइयों को चूल्हा पर खाना बनाने के लिए विवश होना पड़ता है। शिक्षा क्षेत्र रुपईडीह में 215 परिषदीय विद्यालय संचालित है जिसमें डुडवा पिपरा चौबे, कमडावा, बराहेमा, बडया दरगाही सहित दर्जनों विद्यालय में गैस उपलब्ध न होने के चलते रसोइयों को चूल्हा पर खाना बनाने के लिए विवश होना पड़ता है। इस संबंध में बीईओ शशांक कुमार सिंह ने बताया कि सभी विद्यालयों में गैस सिलेंडर पर खाना बनाया जा रहा है। चूल्हा पर खाना बनने की जानकारी हमें नहीं है। शीघ्र ही जानकारी कर विद्यालय में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वच्छता और सुरक्षा
कोट....
जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में स्वच्छ और सुरक्षित तरीके से भोजन तैयार कराने के निर्देश हैं। जिन स्कूलों में एलपीजी व्यवस्था की समस्या है उनकी जांच कर समाधान कराया जाएगा।
-अमित कुमार सिंह, बीएसए


