Gonda News: मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में जल्द शुरू होगी आईसीयू-पीआईसीयू
Gonda News: गोण्डा के स्वशासी मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में मरीजों के लिए बेहतर क्रिटिकल केयर सुविधाएं शुरू होने जा रही हैं। यहां नई ICU और PICU वार्ड में वेंटिलेटर, मॉनिटर और इमरजेंसी दवाओं की व्यवस्था होगी। पुरानी बिल्डिंग को डेंगू वार्ड के रूप में तैयार करने का भी फैसला किया गया है।

Gonda News: गोण्डा, संवाददाता। स्वशासी मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में मरीजों को अब और बेहतर क्रिटिकल केयर सुविधाएं मिलने वाली हैं। अस्पताल ब्लाक में आधा दर्जन बेड की आईसीयू और पीआईसीयू वार्ड शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। इसके लिए संचालन की अनुमति और स्टाफ की तैनाती को लेकर शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। बताया जाता है कि अस्पताल प्रशासन नई बिल्डिंग में संचालित होने वाली आईसीयू और पीआईसीयू वार्ड में वेंटिलेटर, मॉनिटर, ऑक्सीजन और इमरजेंसी दवाओं की पूरी व्यवस्था रहेगी। शासन से हरी झंडी मिलते ही इन वार्डों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इससे गंभीर मरीजों को समय पर जीवन रक्षक सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
वहीं दूसरी ओर नई बिल्डिंग में सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से शिफ्ट करने का काम जारी है। इसी क्रम में पुरानी बिल्डिंग में संचालित 50 बेड का मेडिसिन वार्ड भी नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाएगा। अब तक पुरानी बिल्डिंग के दूसरे तल पर पुरुष व महिलाओं के लिए अलग-अलग मेडिसिन वार्ड चलाया जा रहा था। मेडिसिन वार्ड के शिफ्ट होते ही पुरानी बिल्डिंग के इस वार्ड को डेंगू वार्ड के रूप में तैयार किया जाएगा। सीजन में डेंगू और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए अलग से डेंगू वार्ड बनाने का निर्णय लिया गया है। इसमें मच्छर रोधी व्यवस्था, बेड और जरूरी उपकरण लगाए जाएंगे ताकि मरीजों को विशेष देखभाल मिल सके।इमरजेंसी छोड़ खाली कराई जा रही पुरानी बिल्डिंग : अस्पताल प्रशासन ने नई बिल्डिंग में सेवाओं को शिफ्ट करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर पुरानी बिल्डिंग के सभी वार्डों से मरीजों को धीरे-धीरे खाली कराया जा रहा है। सीएमएस डा अनिल तिवारी ने बताया कि नई बिल्डिंग में मरीजों को साफ-सुथरा माहौल, आधुनिक उपकरण की सुविधा मुहैया कराई जा रही है । शिफ्टिंग पूरी होने के बाद पुरानी बिल्डिंग का उपयोग केवल इमरजेंसी और डेंगू वार्ड के लिए किया जाएगा। शासन से अनुमति मिलते ही आईसीयू-पीआईसीयू के साथ ही अन्य वार्ड भी पूरी क्षमता से शुरू कर दिए जाएंगे। इससे न सिर्फ मरीजों को राहत मिलेगी, बल्कि रेफर की समस्या भी काफी हद तक कम होगी।


