भूमि घोटाला: फर्जी बैनामों से सरकारी अभिलेखों में की थी हेराफेरी, वांछित आरोपी गिरफ्तार, 50 मुकदमे दर्ज; अन्य फरार
एसआईटी) ने गोंडा जिले में हुए बहुचर्चित भूमि घोटाले में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। एसआईटी ने खरगूपुर थाना क्षेत्र के लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी
गोंडा,संवाददाता। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने गोंडा जिले में हुए बहुचर्चित भूमि घोटाले में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। एसआईटी ने खरगूपुर थाना क्षेत्र के लंबे समय से फरार चल रहे वांछित आरोपी को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रामकरन वर्मा, पुत्र स्व. चेतराम, निवासी रमनगरा, पोस्ट पिरवरतारा, थाना खरगूपुर के रूप में हुई है। उस पर जालसाजी, धोखाधड़ी और कूटरचना समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। जांच में सामने आया कि जिले में भू-माफिया का एक संगठित गिरोह सक्रिय था। गिरोह ने सरकारी और निजी जमीनों के फर्जी विलेख तैयार कर निबंधन कार्यालय सदर गोंडा के अभिलेखागार में सेंध लगाई।
मूल दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ कर फर्जी विलेखों को असली सरकारी रिकॉर्ड में शामिल कर दिया गया, जिससे बड़े पैमाने पर भूमि की हेराफेरी की गई। घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ जब सदर तहसील के सब-रजिस्ट्रार ने जांच के दौरान तमाम फर्जी प्रकरणों को उजागर किया। इसके बाद थाना कोतवाली नगर में कई मुकदमे दर्ज किए गए।मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने सभी प्रकरणों की जांच एसआईटी लखनऊ को सौंप दी। अब तक इस घोटाले से जुड़े कुल 50 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि घोटाले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की सघन तलाश जारी है और सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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