अरसे से दो दर्जन गांवों को पालिका में शामिल होने का इंतजार

Apr 06, 2026 05:40 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गोंडा
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Gonda News - गोंडा के दो दर्जन गांव लंबे समय से पालिका की सीमा में शामिल होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन शासन से अभी तक हरी झंडी नहीं मिली है। पिछले साल जारी मास्टर प्लान-2031 में 34 गांवों को शामिल किया गया था। प्रशासन ने बताया कि जनगणना के पूरा होने तक इन गांवों को शामिल करने की संभावना नहीं है।

अरसे से दो दर्जन गांवों को पालिका में शामिल होने का इंतजार

गोंडा, प्रमुख संवाददाता। देवीपाटन मंडल मुख्यालय से सटे तकरीबन दो दर्जन गांव अरसे से पालिका की सीमा में शामिल होने की बाट जोह रहे हैं लेकिन अभी तक शासन से इसकी हरीझंडी नहीं मिली है। हालांकि शासन-प्रशासन की ओर बीते साल जारी मास्टर प्लान-2031 में 34 गांवों को शामिल किया है। विनियमित क्षेत्र में आने वाली ग्राम पंचायतों में श्रेणीवार भूमि आरक्षित की गई है। यह निर्माण कराने के लिए नक्शा भी पास कराना होता है। शहरी सीमा में शामिल न होने पाने की की वजह से यहां के बाशिंदों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। प्रशासन से जुड़े लोगों के मुताबिक वर्तमान में जनगणना का काम शुरू हो चुका है।

लिहाजा जनगणना पूरी होने तक इन गांवों को पालिका की सीमा में शामिल होने की उम्मीद नहीं है। वर्ष 2022 में निकाय चुनाव से पहले जिले में धानेपुर, बेलसर और तरबगंज नगर पंचायत का गठन किया गया था। साथ ही करनैलगंज नगर पालिका और कटरा बाजार नगर पंचायत की सीमा में कई गांव शामिल किए गए थे। शहरी क्षेत्र में शामिल होने के बाद धानेपुर, बेलसर और तरबगंज में बड़े पैमाने पर विकास कार्य कराए गए हैं। लेकिन मंडल मुख्यालय के सटे गिर्द गोंडा, जानकीनगर, पथवलिया, खैरा, सेमरा दम्मन आदि गांवों के गांवों में विकास की कसक बरकरार है। वर्ष 2022 में प्रशासन ने 27 गांवों को गोंडा पालिका में शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजा था। निकाय चुनाव से पहले इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की लोगों को पूरी उम्मीद थी। लेकिन किन्हीं वजहों से इसे शासन ने हरी झंडी नहीं दी। सड़क और नाली के लिए जूझ रहे लोग: शहर से सटे जानकीनगर गांव में ही एक अनुमान के मुताबिक 25 हजार से ज्यादा आबादी निवासी करती हैं। कालोनी के दिनेश मिश्र और अनुराग ने बताया कि निकाय चुनाव से पहले हम लोगों को पालिका क्षेत्र में शामिल होने की उम्मीद बढ़ी थी। लेकिन करीब चार साल बाद इस दिशा में किसी ने कोई पहल नहीं की। इसी प्रकार इमिलिया गुरुदयाल निवासी विकास पांडेय ने कहा कि हम लोग सिर्फ कागजों में ग्रामवासी है बाकी सबकुछ शहर जैसा है। लेकिन सुविधाएं गांवों से भी बदतर है। हमारे घर के सामने दो-तीन माह पहले सड़क निर्माण का काम शुरू हुआ था जो अब ठप है। बूढ़ा देवर निवासी एडवोकेट जयवर्धन श्रीवास्तव ने बताया कि शासन प्रशासन को चाहिए कि इसे जल्द शहरी सीमा में शामिल करे नागरिक सुविधाओं का विकास करे। पूरे शिवा बख्तावर के सर्वेश मिश्रा ऊर्फ ज्ञान का कहना है कि पालिका हमारे गांव से थोड़ी दूर पर कूड़ा डंप करती है लेकिन हम लोगों को बिजली छोड़कर शहर की अन्य सुविधाएं मयस्सर नहीं है। इन गांवों को शामिल करने की मांग : गोंडा गिर्द, बभनी कानूनगो, बड़गांव, इमिलिया गुरुदयाल, जानकीनगर, छावनी सरकार, परेड सरकार, पथवलिया, कटहामाफी, केशवपुर पहड़वा, रुद्रपुर बिसेन, बूढ़ा देवर, पूरे शिवा बख्तावर, इमरती बिसेन, विमौर, झंझरी, देवरिया चूड़ामणि, लक्ष्मणपुर हरिवंश, उम्मेदजोत, खैरा, शेखापुर, सेमरा दम्मन, रानीजोत और इंद्रापुर शामिल है। आलोक कुमार, एडीएम ने बताया कि गोंडा नगर पालिका के आसपास स्थित दो दर्जन गांवों को पालिका क्षेत्र में शामिल करने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसे अभी तक शासन की मंजूरी नहीं मिली है।

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