
दिवाली पर एक कॉल पर उपलब्ध होगी 108 एम्बुलेंस सेवा
संक्षेप: Gonda News - गोण्डा में दिवाली के मौके पर 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी। एम्बुलेंस जिला प्रभारी जितेंद्र त्रिपाठी ने सभी कर्मियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। दिवाली पर दुर्घटनाओं से बचने...
गोण्डा। दिवाली के मौके पर 108 एवं 102 एम्बुलेंस सेवाएं एक कॉल पर उपलब्ध रहेंगी। एम्बुलेंस सेवा प्रदाता संस्था ने सभी एम्बुलेंसों को 24 घंटे अलर्ट रहने और आवश्यकता पड़ने पर जल्द से जल्द मरीज को सेवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जिसको लेकर शनिवार को एम्बुलेंस जिला प्रभारी जितेंद्र त्रिपाठी ने सभी कर्मियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 108 एम्बुलेंस 24 घंटे लोगों की सेवा के लिए उपलब्ध रहेंगी। कहा कि 102 व 108 एम्बुलेंस की संस्था ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विसेज ने अपने सभी स्टाफ को दीपावली के शुभ अवसर पर मिठाइयों का वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया।

इसमें एम्बुलेंस स्वास्थ कर्मियों को मिठाई बांटी गई। एंबुलेंस जिला प्रभारी जितेंद्र त्रिपाठी, पवन पांडे और दुर्गेश पाठक ने सभी कर्मियों को मिठाई बांटा। उन्होंने लोगों का मुंह मीठा कराकर एक दूसरे को दीपोत्सव पर्व पर मिठाई खिलाकर बधाई दिया। जिला प्रभारी जितेंद्र त्रिपाठी ने सभी एम्बुलेंस कर्मी दिवाली पर्व पर स्टाफ के साथ समय पर ड्यूटी पर मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिवाली महापर्व पर दीपोत्सव और पटाखों के जलाने पर अलर्ट रहें। सूचना मिलने पर लोग जल्द से जल्द एम्बुलेंस सेवा देने का प्रयास करें। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति 108 नम्बर पर कॉल करके एम्बुलेंस सेवा का लाभ ले सकता है। आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित रखने के निर्देश दिए गए हैं। 108 एम्बुलेंस रूप से चिन्हित किए गए विशेष स्थानों, दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों, व थानों के नजदीक मौजूद रहेगी। जीवनरक्षक दवाओं के साथ प्रशिक्षित स्टाफ: एम्बुलेंस जिला प्रभारी जितेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि सड़क या अन्य कोई दुर्घटना होने, जलने, हार्ट, सांस, लिवर, किडनी, पेट दर्द, स्किन से सम्बंधित, या अन्य कोई भी समस्या होने पर 108 नंबर पर काल करें। 108 एम्बुलेंस जल्द से जल्द मौके पर पहुंचेगी और पीड़ित को अस्पताल ले जाएगी। सभी एम्बुलेंसों में जीवन रक्षक दवाओं के साथ इमरजेंसी सुविधाएं व प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध है। जलने पर क्या करें : दिवाली पर पटाखों से या दीयों से जलने की दुर्घटनाएं होने का खतरा रहता है। इसलिए दिवाली पर ढीले कपड़े पहनने से बचें। रे ऑफ साइंस के राजेश मिश्रा ने बताया कि पटाखे छुड़ाने के दौरान पानी नजदीक में रखें। पटाखों से जलने या अन्य कारण से जलने की स्थिति में जले हुए अंग पर सादा पानी या नल का पानी लगातार 15 मिनट तक डालें। घाव को साफ रखें। कोई पट्टी या कपड़ा ना बांधे, किसी साफ कपड़े से जले हुए अंग को कवर करें। जले हुए अंग पर टूथपेस्ट, हल्दी, नमक, या अन्य किसी भी वस्तु का लेप न करें। तुरंत 108 एम्बुलेंस को कॉल करें और अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर को दिखाएं।

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