श्रीकृष्ण के प्रेम में लीन होना ही सच्चा प्रेम
Gonda News - करनैलगंज के ग्राम रामगढ़ अतरौलिया में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन हुआ, जिसमें प्रवाचक रघुनाथ दास शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। श्रद्धालुओं ने माखन चोरी, कालिया नाग दमन जैसी कथाएँ सुनीं। उन्होंने प्रेम के सही अर्थ पर जोर दिया और बाहरी आर्पण के बजाय आंतरिक कोमलता पर ध्यान देने का संदेश दिया।

करनैलगंज, संवाददाता। क्षेत्र के ग्राम रामगढ़ अतरौलिया में श्रीमद् भागवत कथा से क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति का माहौल है। कथा प्रवाचक रघुनाथ दास शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे। कथा के दौरान उन्होंने माखन चोरी की लीला, कालिया नाग दमन, गोवर्धन लीला सहित अनेक प्रसंगों को विस्तार से सुनाया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली प्रेरणाएं हैं। वर्तमान समय के प्रेम पर चर्चा करते हुए कहा कि आज का प्रेम वास्तव में प्रेम नहीं, बल्कि वासना बनता जा रहा है।
सच्चा प्रेम तो गोपियों ने भगवान श्रीकृष्ण से किया था, जिसमें किसी प्रकार की स्वार्थ भावना या बाधा नहीं थी। सच्चे प्रेम का अर्थ है कि प्रेमी अपने प्रेम के मार्ग में स्वयं भी बाधा न बने।उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश देते हुए कहा कि भगवान के लिए माखन-मिश्री अर्पित करने का वास्तविक अर्थ बाहरी नहीं, बल्कि आंतरिक होना चाहिए। व्यक्ति को अपने मन को माखन की तरह कोमल और व्यवहार को मिश्री की तरह मधुर बनाना चाहिए। साथ ही उन्होंने घर-परिवार में अनावश्यक कटु व्यवहार से बचने की सलाह दी। इस मौके पर डॉ. सर्वेश शुक्ल, जयप्रकाश शुक्ल, राजेश शुक्ल, लालू तिवारी, राजकुमार तिवारी, शीतला प्रसाद पांडे, अरुण शुक्ल, वर्षा, वैभव शुक्ल, सत्यदेव शुक्ल, राधेश्याम शुक्ल, अशोक, बलराम शुक्ल, देव कुमार शुक्ल सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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