जर्जर आवासों में रहते कर्मचारी, डर से रात में नहीं आती नींद
Gonda News - गोण्डा में कृषि विभाग के कर्मचारियों के आवासों की स्थिति बेहद खराब है। छतों से पानी टपकता है, दीवारों में दरारें हैं और बिजली की वायरिंग जर्जर है। कर्मचारी और उनके परिवार बारिश के दौरान हमेशा खतरे में रहते हैं। सड़कें भी टूटी-फूटी हैं, जिससे दफ्तर पहुंचने में परेशानी होती है। अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया जाएगा।

गोण्डा । कृषि विभाग के कर्मचारियों को सरकारी सुविधाएं मिलने की बात कागजों तक ही सीमित है। विभागीय आवासों की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि यहां रहने वाले कर्मचारी और उनके परिवार हर वक्त डर के साये में जीवन गुजारने को मजबूर हैं। बरसात और तेज हवा के मौसम में हालात और भी भयावह हो जाते हैं। स्थिति यह है कि छत से पानी टपकता है , दीवारों में गहरी दरारें और आवास की छतों पर झाड़ी उग आई है। इसके अलावा जगह-जगह से झड़ता प्लास्टर किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना को न्योता दे रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षो पहले बनाए गए इन आवासों की न तो समय पर मरम्मत कराई गई और न ही पुनर्निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम ही उठाया गया है ।
कई आवासों की छतें कमजोर हो चुकी हैं, बिजली की जर्जर वायरिंग और टूटे दरवाजे - खिड़कियां खतरे को और बढ़ा रही हैं। छोटे - छोटे बच्चे और बुजुर्ग परिवारीजन हमेशा आशंकित रहते हैं कि कहीं कोई बड़ा हादसा न हो जाए। स्थिति यह है कि मौसम बिगड़ते ही कर्मचारियों के परिवारों की चिंता बढ़ जाती है। बारिश के दौरान पानी भरने से कमरों में सीलन और गंदगी फैल जाती है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा आवासों की बदहाली दूर करने में कोई खास रुचि नहीं दिखाई जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार उच्चाधिकारियों को मौखिक व लिखित शिकायतें की गईं, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ भी हासिल नहीं हुआ। सड़कें टूटी - फूटी, चलना दूभर: कृषि विभाग कार्यालय और आवास तक जाने वाली सड़कें भी पूरी तरह से जर्जर हैं। टूटी-फूटी सड़कों पर बारिश के दिनों में कीचड़ और जलभराव हो जाता है, जिससे आवागमन मुश्किल हो जाता है। कर्मचारियों और किसानों को दफ्तर पहुंचने में परेशानी होती है और विभागीय कार्य भी प्रभावित होता है। लोगों ने इन दुश्वारियों को दूर करने की मांग की है। कोट... कर्मचारियों के जर्जर आवास, सड़क टूटी फूटी होने की समस्याओं के निस्तारण को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। जल्द ही समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है। - प्रेम ठाकुर, उपनिदेशक कृषि

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