
जिले में 7489 की बजाय 85 सौ में खरीदी डेस्क-बेंच
संक्षेप: Gonda News - गोंडा में बेसिक स्कूलों के फर्नीचर खरीद में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। एंटी करप्शन कोर्ट के आदेश पर बीएसए अतुल तिवारी और अन्य अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। फर्म नीमन सीटिंग ने 17500 डेस्क-बेंच की आपूर्ति की थी, लेकिन आरोप है कि उन्होंने कमीशन की मांग की। जांच जारी है।
गोंडा। जिले के बेसिक स्कूलों में फर्नीचर खरीद को लेकर गोरखपुर की एंटी करप्शन कोर्ट के आदेश पर बीएसए समेत तीन लोगों के खिलाफ बीते दिनों नगर कोतवाली में मामला दर्ज हुआ था। 564 बेसिक स्कूलों में महाराष्ट्र के नासिक की फर्म ने 85 सौ रुपये की दर से 17500 डेस्क-बेंच की आपूर्ति की है। मुकदमा दर्ज कराने वाली फर्म के एमडी मनोज पांडेय के मुताबिक उन्होंने 7489 रुपये में डेस्क बेंच उपलब्ध कराने संबंधी निविदा भरी थी। उनका आरोप है कि कमीशन के फेर में विभागीय अफसरों ने जमकर खेल किया। उनका आरोप है कि बीएसए अतुल तिवारी ने 22 लाख रुपये और दोनों डीसी ने दो-दो लाख रुपये लेने के बाद भी निविदा नहीं पास की।

अपने पैसे मांगने पर विभाग ने उलटे उन्हीं के खिलाफ निविदा में कूटरचित दस्तावेज का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करा दिया। साथ ही उनकी फर्म को ब्लैकलिस्ट भी कर दिया। मामले की जांच कर रहे सीओ सिटी आनंद राय ने बताया कि पूरे मामले की विवेचना करके साक्ष्य संकलन किया जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में जल्द से जल्द संबंधित पक्षों से बयान लिए जाएंगे। उधर, मामले में हाईकोर्ट का रुख करने के बाद बीएसए अतुल तिवारी ने अपनी याचिका वापस ले ली थी। वह अब 16 नवंबर तक अवकाश पर चले गए हैं। प्रभारी बीएसए आरके सिंह ने मंगलवार को लखनऊ में उप शिक्षा निदेशक (बेसिक) संजय उपाध्याय से मिलकर प्रकरण से जुड़े सभी दस्तावेज सौंपे हैं। कक्षा छह से आठवीं तक के 564 उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों मे महाराष्ट्र के सतरिख नासिक की फर्म जेनिथ मेटापलास्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने डेस्क-बेंच की आपूर्ति की है। डेस्क-बेंच की कीमत जेम पोर्टल पर अधिकतम 8500 रुपए रखी गई थी। फर्म से जुड़े कर्मचारी ने बताया कि जिले में 17 हजार 500 फर्नीचर की आपूर्ति करीब 14.87 करोड़ रुपये में की जा चुकी है। उसके दावे के मुताबिक 8500 रुपये की दर से डेस्क-बेंच की आपूर्ति की गई है। हालांकि विभागीय अफसरों ने इस संबंध में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया है। उपनिदेशक बेसिक से छह नवबंर को मिले थे कंपनी के एमडी: नीमन सीटिंग साल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के एमडी मनोज पांडेय ने बताया कि बीते छह नवंबर को वह लखनऊ में उपशिक्षा निदेशक (बेसिक) संजय उपाध्याय से मिलकर अपनी बात रख चुके हैं। मुलाकात के दौरान उनसे कुछ कागजात मांगे गए थे, जिन्हें उपलब्ध कराने के लिए एक हफ्ते का वक्त मिला था। बकौल मनोज छह नंवबर को बीएसए जांच के दौरान नहीं पहुंचे थे। इसलिए उन्हें दस नवंबर को बुलाया गया था। यही नहीं मनोज पांडेय ने आरोप लगाया कि रिश्वत के लिए बीएसए और उनकी 50.38 लाख रुपये की धरोहर धनराशि का ड्राफ्ट भी वापस कर दिया। नीमन सीटिंग के एमडी पर दर्ज हुआ था केस: तत्कालीन डीएम नेहा शर्मा के आदेश पर गुड़गांव की नीमन सीटिंग सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रबंध निदेशक मनोज पांडेय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप है कि उनकी फर्म ने कूट रचित दस्तावेज का इस्तेमाल किया था। जांच में पता चला कि कंपनी ने अनुभव प्रमाण पत्र और टर्नओवर सर्टिफिकेट में गड़बड़ी की है। साथ ही उनकी फर्म को दो साल के बेसिक शिक्षा विभाग ने ब्लैक लिस्ट कर दिया था। उन्होंने 19759 डेस्क बेंच 7489 रुपये की दर आपूर्ति करने की निविदा भरी थी। 15 करोड़ निविदा में 15 प्रतिशत कमीशन मांगने आरोप: डेस्क-बेंच आपूर्ति मामले में बीएसए अतुल कुमार तिवारी, डीसी निर्माण विद्याभूषण मिश्रा और डीसी (जीईएम) प्रेम शंकर मिश्रा पर नीमन सीटिंग सॉल्यूशन फर्म के एमडी ने 15 करोड़ के टेंडर में 15 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि 26 लाख देने के बाद बेसिक अफसरों ने टेंडर नही दिया। उनसे 2.25 करोड़ रुपये की डिमांड की गई। जिसको देने से इंकार करने पर फर्म को ब्लैक लिस्ट किया गया और एफआईआर दर्ज कराई गई। कोट.... बेसिक स्कूलों में फर्नीचर आपूर्ति से जुड़े मामले संबंधी अभिलेख लखनऊ में उच्चाधिकारियों को मंगलवार को मुहैया कराए गए हैं। इस मामले में नगर कोतवाली पुलिस भी जांच के लिए आई थी। बीएसए और दोनों डीसी से संपर्क न होने पर सीओ को पत्र लिखकर समय मांगा गया है। -आरके सिंह, प्रभारी बीएसए

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