सोना-चांदी की महंगाई मोबाइल-लैपटॉप पर भारी; 30% चढ़े दाम; सर्राफा व्यापार लड़खड़ाया

sandeep हिन्दुस्तान, प्रमुख संवाददाता, कानपुर
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आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण में सोना और चांदी दोनों का महत्वपूर्ण उपयोग होता है। स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट के मदरबोर्ड, माइक्रो सर्किट, प्रोसेसर कनेक्टर और चिप्स पर सोने की बेहद पतली परत चढ़ाई जाती है। गोल्ड-सिल्वर के दाम बढ़ने का असर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर  भी दिखने लगा है।

सोना-चांदी की महंगाई मोबाइल-लैपटॉप पर भारी; 30% चढ़े दाम; सर्राफा व्यापार लड़खड़ाया

सोना और चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर अब सिर्फ सराफा बाजार तक सीमित नहीं रहा। इसकी चमक अब इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार की चिंता बनती जा रही है। स्मार्टफोन, लैपटॉप, टैबलेट व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कीमतों में तेजी से इजाफा है। कारोबारियों का कहना है कि कीमतों में यही उछाल जारी रहा तो आने वाले महीनों में आम आदमी की जेब पर और ज्यादा बोझ पड़ सकता है।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में होता है सोना-चांदी का इस्तेमाल

दरअसल, आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण में सोना और चांदी दोनों का महत्वपूर्ण उपयोग होता है। स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट के मदरबोर्ड, माइक्रो सर्किट, प्रोसेसर कनेक्टर और चिप्स पर सोने की बेहद पतली परत चढ़ाई जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार सोना बिजली का बेहतरीन संवाहक होने के साथ जंग नहीं पकड़ता, इसलिए हाई-स्पीड और लंबे समय तक चलने वाले उपकरणों में इसका इस्तेमाल जरूरी माना जाता है। वहीं चांदी का उपयोग भी इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और बैटरी सिस्टम में बड़े पैमाने पर होता है। आईएमए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील बजाज कहते हैं सोने-चांदी के दाम में इजाफा से आम आदमी से जुड़े अन्य उत्पादों के दाम में भी इजाफा होने की आशंका है।

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इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर भी दिख रहा खासा असर

कानपुर इलेक्ट्रॉनिक एंड मर्चेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव मेहरोत्रा बताते हैं कि जीपीएस डिवाइस, कैलकुलेटर, डिजिटल घड़ियां, रिमोट कंट्रोल, सेंसर आधारित उपकरण और कई छोटे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के स्विच, सर्किट और कनेक्टिविटी सिस्टम में चांदी का उपयोग किया जाता है। चांदी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण की लागत बढ़ने लगी है।

लगातार बढ़ रहे दाम से ग्राहक बना रहे दूरी

कानपुर मोबाइल डीलर एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशीष गोयल कहते हैं कि सोना-चांदी महंगा होने का सीधा असर इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की लागत पर पड़ रहा है। कुछ महीनों में स्मार्टफोन और लैपटॉप के दामों में 20 से 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इजाफा हुआ है। कंपनियों ने कई मॉडलों के दाम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। महंगे गैजेट्स के कारण ग्राहकों की खरीदारी का रुझान कमजोर पड़ने लगा है।

ऑटोमोबाइल सेक्टर की भी बढ़ रही लगातार चिंता

नामी कंपनी के शोरूम संचालक पुनीत खन्ना कहते हैं कि इलेक्ट्रिक कारों के कंट्रोल यूनिट, इंफोटेनमेंट सिस्टम, बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम व कई हाई-टेक सेंसर में चांदी इस्तेमाल होती है। चांदी बेहतरीन विद्युत संवाहक के कारण इलेक्ट्रिक सर्किट्स और बैटरी कनेक्टिविटी को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाती है। इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण की लागत प्रभावित है। असर आने वाले समय में इलेक्ट्रिक कारों की कीमतों पर दिखाई दे सकता है।

सोलर पैनल लगाना भी हो रहा महंगा, बढ़ी कीमत

सोलर पैनल कारोबारी संदीप तनेजा कहते हैं कि चांदी का सबसे ज्यादा उपयोग सोलर पैनल निर्माण में होता है। सोलर सेल्स में चांदी की कोटिंग और कंडक्टिव पेस्ट इस्तेमाल किया जाता है। पिछले कुछ महीनों में चांदी के दाम तेजी से बढ़े हैं, जिससे सोलर उपकरण बनाने वाली कंपनियों की लागत बढ़ रही है। इसके अलावा डॉलर महंगा होने से इनवर्टर और बैटरी के दाम में 10 से 12 फीसदी का इजाफा हुआ है।

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