सपने में भगवान कहा- जो सामने आए मार दो; दादी की हत्या करने के बाद बोला पोता
हमीरपुर में एक पोते ने दादी को कुल्हाड़ी से काटकर मौत के घाट उतार दिया। फिर शव को चारपाई से बांधकर वहीं बैठ गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने मां से कहा कि सपने में भगवान ने कहा था कि जो सामने आए उसे मार दो।

UP News: यूपी के हमीरपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक परिवार के ही एक पोते ने दादी को कुल्हाड़ी से काटकर मौत के घाट उतार दिया। फिर शव को चारपाई से बांधकर वहीं बैठ गया। इतना ही नहीं अपनी मां और उसके साथ खेत जा रही महिला को भी कुल्हाड़ी लेकर दौड़ा लिया। गनीमत यही रही कि चरवाहों ने किसी तरह इन दोनों को बचा लिया।
आरोपी की मां ने बताया कि बेटा कह रहा था कि सपने में भगवान ने कहा जो सामने आए उसे मार दो। जिसके बाद गजेंद्र कुल्हाड़ी लेकर सीधे शोभारानी के घर पहुंच गया। जहां उसके बेटे के ऊपर हमलावर हो गया। वह मौके से जान बचाकर भागा तो फिर पलंग में लेटी दादी को कुल्हाड़ी से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया और उसके शव को गले में रस्सी डालकर चारपाई से बांधकर उसी के पास बैठ गया।
सपने में भगवान आए थे, बोला जो सामने आए उसे मार दो
गजेंद्र की मां सुमितरानी ने बताया कि कई सालों से उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। रविवार दोपहर उसकी हालत कुछ ज्यादा ही खराब थी। तरह-तरह की बातें कर रहा था। कह रहा था कि सपने में भगवान ने कहा है कि जो भी सामने आए उसे मार दो। दोपहर में वह परिजनों के साथ खेत जा रही थी, तभी गजेंद्र कुल्हाड़ी लेकर आया और हमला करने के लिए दौड़ा। शोर सुनकर चरवाहों ने उन लोगों को बचाया। बाद में पुत्र गजेंद्र घर की ओर चला गया।
मारने के बाद चारपाई से बांध दिया
मृतका शोभारानी के बेटे बहादुर राजपूत ने बताया कि रविवार दोपहर वह घर पर था। तभी गजेंद्र राजपूत आ धमका और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की नीयत से कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। वह मौके से जान बचाकर भागा तो पीछे से उनकी गर्दन में कुल्हाड़ी लग गई। लेकिन किसी तरह उसने मौके से भाग कर जान बचाई और ग्रामीणों से मदद की गुहार लगाई। लेकिन जब तक घर वापस लौटता, तब तक गजेंद्र ने मां को अकेला पाकर कुल्हाड़ी से हमला कर मार डाला और फिर रस्सी से गला कसकर शव को चारपाई से बांध दिया।
तीन महीने पहले बेड़ियों में बंधा रहता था गजेंद्र
मां सुमितरानी ने बताया कि गजेंद्र तीन महीने पहले तक गजेंद्र को हाथ-पैरों में बेड़िया डालकर रखा जा रहा था। उसकी झाड़-फूंक भी कराई थी। लेकिन इधर कुछ दिनों से उसकी मानसिक स्थिति ज्यादा खराब होती जा रही थी। मानसिक स्थिति खराब होने की वजह इस घटना को उसने अंजाम दिया है वरना सामान्य युवक इस तरह की घटना का साहस नहीं कर सकता है।


