तीन-चार कंटाप रसीद देना..., भाजपा विधायक की अधिकारियों-कर्मचारियों को पीटने की सलाह
यूपी में उन्नाव की पुरवा सीट से भाजपा विधायक अनिल सिंह का ऑडियो वायरल हो रहा है। इसमें विधायक कार्यकर्ताओं को अधिकिरियों-कर्मचारियों को पीटने की सलाह दे रहे हैं। ऑडियो वायरल होने पर विधायक ने इसे पुराना बताते हुए इस तरह की सलाह के पीछे का मकसद भी बताया है।
उन्नाव के भाजवा विधायक अनिल सिंह का एक ऑडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह कार्यकर्ताओं को अधिकारियों-कर्मचारियों को पीटने की सलाह दे रहे हैं। कार्यकर्ताओं से कह रहे हैं कि तीन-चार कंटाप रसीद देना। बाद में विधायक ने कहा कि यह पुराना ऑडियो है। अधिकारियों की लगातार मनमानी और रिश्वतखोरी से जनता को राहत दिलाने के लिए ऐसा कहा था।
यह वायरल ऑडियो विधायक और एक कार्यकर्ता के बीच हुई बातचीत का बताया जा रहा है। इसमें विधायक कार्यकर्ता से पूछते हैं कि रिकार्डिंग चल रही है या नहीं। कार्यकर्ता के हां कहने पर बोलते हैं-विधायक पुरवा अनिल सिंह फिर दोहरा रहे हैं कि पुरवा विधानसभा क्षेत्र के अंदर कोई भी घूस मांगेगा, तो पुरवा की जनता जांच न करके कुटाई करेगी। जैसे कुटाई करके आओगे, वैसे ही उसपर (भ्रष्ट अधिकारी पर) मुकदमा लिखवा देंगे। जो कोई भी सरकार की योजनाओं में घूस मांगेगा, जनता कुटाई करेगी। जांच नहीं होगी अब।
वायरल ऑडियो के संबंध में विधायक अनिल सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह उनका ही ऑडियो है। यह काफी पुराना है। उस समय की परिस्थितियों में अधिकारियों की लगातार मनमानी और रिश्वतखोरी से जनता को राहत दिलाने के लिए ऐसा कहा था। विधायक ने यह भी दावा किया कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी, लेकिन जब कोई सुधार नहीं हुआ तो मजबूरी में उन्हें कड़ा कदम उठाने की बात करनी पड़ी। अनिल सिंह ने अपने बयान में यह भी जोड़ा कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं। जनता के हितों की रक्षा करना उनका कर्तव्य है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किसी अधिकारी को पीटने की बात कही थी।
इस ऑडियो के वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने भाजपा विधायक पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि एक जनप्रतिनिधि का इस तरह से लोगों को हिंसा के लिए उकसाना बेहद आपत्तिजनक है और यह कानून-व्यवस्था के लिए खतरा पैदा करता है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं के समाधान के लिए कानून को अपने हाथ में लेने की सलाह देना उचित है। पुलिस और प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या अधिकारियों की इतनी मनमानी और रिश्वतखोरी हो रही थी कि विधायक को ऐसा बयान देना पड़ा।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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