प्रेमिका ने प्रेमी को जिंदा जलाया, युवक ने अस्पताल में तोड़ा दम, शव रखकर परिजनों ने किया हंगामा
आगरा में 26 फरवरी की रात संदिग्ध परिस्थितियों में जले प्रेमी की बुधवार की रात मौत हो गई। गुरुवार की सुबह परिजनों ने पृथ्वीनाथ फाटक के पास सड़क पर शव रखकर हंगामा किया। पुलिस पर हत्यारोपियों को छोड़ने का आरोप लगाया।

यूपी के आगरा में 26 फरवरी की रात संदिग्ध परिस्थितियों में जले प्रेमी की बुधवार की रात मौत हो गई। गुरुवार की सुबह परिजनों ने पृथ्वीनाथ फाटक के पास सड़क पर शव रखकर हंगामा किया। पुलिस पर हत्यारोपियों को छोड़ने का आरोप लगाया। पुलिस ने पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस का कहना है कि प्रेमिका द्वारा जलाने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। अभी तक की जांच में नामजद आरोपित निर्दोष हैं। साक्ष्य मिलने पर ही कार्रवाई की जाएगी।
शाहगंज की राम स्वरूप कालोनी निवासी 32 वर्षीय चांद उर्फ सद्दाम ऑटो चालक था। पिछले दो साल से शबनम नाम की प्रेमिका के साथ लिवइन में रह रहा था। शबनम विधवा थी। घटना से करीब पंद्रह दिन पहले उसने अपने देवर अल्ली के साथ निकाह कर लिया था। चांद को छोड़ दिया था। घटना की रात चांद सवारी लेकर गया था। लौटते समय संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगी थी। घरवालों ने आरोप लगाया कि शबनम उसके पति अल्ली सहित चार लोगों ने पेट्रोल डालकर आग लगाई थी। स्थानीय लोगों ने आग बुझाई थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा लिख लिया था।
40 प्रतिशत झुलसने के बाद अस्पताल में चल रहा था इलाज
चांद का एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में उपचार चल रहा था। वह 40 प्रतिशत जला था। उपाचार के दौरान बुधवार की रात उसने दम तोड़ दिया। परिजन शव को लेकर पृथ्वीनाथ फाटक के पास पहुंचे। शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस पर आरोप लगाया कि आरोपित छोड़ दिए। एसीपी शाहगंज गौरव सिंह मौके पर पहुंचे। भीड़ को शांत किया। बताया कि जांच चल रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
माहौल खराब करने का प्रयास किया तो लिखा जाएगा मुकदमा
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि मुकदमे में नामजद तीन आरोपियों की लोकेशन घटना के समय मथुरा में थी। शबनम भी घटना स्थल से बहुत दूर थी। उस जगह सीसीटीवी है। उसकी मौजूदगी भी घटना स्थल पर नहीं थी। इस वजह से पुलिस ने अभी तक किसी को नहीं पकड़ा था। पुलिस किसी भी निर्दोष को जेल नहीं भेजेगी। प्रारंभिक जांच में यही सामने आया है कि चांद ने खुद को आग लगाई थी। हो सकता है कि कोई तथ्य पुलिस से बच रहा हो, इसलिए अभी जांच बंद नहीं की गई है। साक्ष्य मिलने पर ही आरोपित पकड़े जाएंगे। किसी ने जाम लगाकर माहौल खराब करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ भी मुकदमा लिखा जाएगा।
जाम लगाने वालों पर हो सकता है मुकदमा
चांद का शव रखकर पृथ्वीनाथ फाटक मार्ग पर जाम लगाया गया। जबकि तहरीर के आधार पर पुलिस ने पहले ही मुकदमा लिख दिया था। किसी को पकड़ा नहीं था। इसके पीछे पुलिस के पास तर्क है। साक्ष्य नहीं मिले। पुलिस अधिकारियों ने जाम की घटना को गंभीरता से लिया है। जाम लगाने वालों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हो सकता है। पुलिस फुटेज से जाम लगाने वालों की पहचान कर रही है।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
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यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
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पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
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करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


