DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तर प्रदेश › गाजीपुर › मां कात्यायनी की आराधना कर मांगा सुख समृद्धि का वर
गाजीपुर

मां कात्यायनी की आराधना कर मांगा सुख समृद्धि का वर

हिन्दुस्तान टीम,गाजीपुरPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 07:00 PM
मां कात्यायनी की आराधना कर मांगा सुख समृद्धि का वर

गाजीपुर। संवाददाता

शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि पर मां कात्यायनी की पूजा-आराधना की गई। पंचाग के मुताबिक सोमवार सुबह 06.29 बजे तक पंचमी रही, जिसके बाद षष्ठी लग गयी। भक्तों ने माता के दरबार में पहुंचकर विधि विधान से पूजन-अर्चन करते हुए भोग-प्रसाद चढ़ाकर सुख समृद्धि की मंगल कामना किया। जिले के प्रसिद्ध देवी मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। कोरोना गाइडलाइन का कहीं पालन तो कहीं उल्लंघन होता दिखा। सुरक्षा के मद्देनजर प्रमुख मंदिरों पर फोर्स की तैनाती रही।

नवरात्रि के छठवें दिन देवी के छठें स्वरूप मां कात्यायनी के पूजन का विधान है। इनकी उपासना और आराधना से भक्तों को सहजता पूर्वक धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है। इससे रोग, शोक, संताप और भय का नाश होता है। शक्ति स्वरूपा मां कात्यायनी सच्चे मन से अराधना करने वाले भक्तों के सभी पाप माफ कर देती हैं। यह भी मान्यता है कि किसी का विवाह नहीं हो रहा या फिर वैवाहिक जीवन में परेशानी है तो उसे शक्ति के इस स्वरूप की पूजा अवश्य करनी चाहिए। पौराणिक कथाओं के मुताबिक मां कात्यायनी का अवतरण एक ऐसे पर्वत पर हुआ था, जहां आज भी चमत्कारी शक्तियां देखने को मिलती है। इतना ही नहीं यहां माता का मंदिर आज भी है, जहां उनके अवतरण के स्थान पर शेर की आकृति भी दिखती है। माना जाता है कि यहां मां का अवतरण शेर की सवारी करते हुए हुआ था। इसका जिक्र स्कंद पुराण में भी मिलता है। मान्यता है कि ऋषि कात्यायन के घर पुत्री के रूप में जन्म लेने के कारण ही भगवती का नाम कात्यायनी पड़ा। माता कात्यायनी को मन की शक्ति की देवी माना जाता है। इनकी उपासना से व्यक्ति अपनी सभी इन्द्रियों को वश में कर सकता है। सच्चे मन से माता की पूजा करने से रोग, शोक और भय से छुटकारा मिलता है। इस शारदीय नवरात्र पर भक्तों ने माता के छठें स्वरूप कात्यायनी देवी का श्रद्धा के साथ पूजन-अर्चन किया। भक्तों ने ब्राह्मणों में अन्न-धन का दान भी किया। शहर के नवाबगंज स्थित मां शीतला, हमीद सेतु उस पार स्थित मां काली मंदिर, मिश्रबाजार स्थित मां काली मंदिर, रौजा की नव देवी मंदिर, सकलेनाबाद दुर्गा मंदिर, गोराबाजार दुर्गा मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों पर सुबह से लेकर देर शाम तक पूजन-अर्चन होता रहा। वहीं गहमर स्थित मां कामाख्या धाम, करीमुद्दीनपुर स्थित मां कष्टहरणी मंदिर, सैदपुर स्थित मां काली मंदिर, देवकली स्थित चकेरीधाम, जखनियां हथियाराम मठ स्थित बुढ़िया माई धाम, हरिहरपुर स्थित मां काली मंदिर, कनेरी स्थित दस विद्या आश्रम काली धाम, सादात स्थित दुर्गा मंदिर आदि स्थानों पर भक्त पहुंचकर माता के छठें स्वरूप का दर्शन-पूजन किया और उनकी आराधना कर उनसे मन्नतें मांगी।

संबंधित खबरें