पति की दीर्घायु के लिए सुहागिन महिलाओं ने रखा वट सावित्री व्रत
Ghazipur News - दिलदारनगर में सुहागिन महिलाओं ने शनिवार को पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए वट सावित्री व्रत रखा। महिलाओं ने 108 परिक्रमा कर पूजा की और दान-पुण्य किया। राधा-कृष्ण मंदिर में बड़ी संख्या में महिलाओं ने इस व्रत का आयोजन किया, जहां उन्होंने सावित्री-सत्यवान की कथा भी सुनी।
दिलदारनगर (गाजीपुर)। सुहागिन महिलाओं ने शनिवार को पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य की कामना के साथ श्रद्धा एवं उत्साहपूर्वक वट सावित्री व्रत रखा। महिलाओं ने वट वृक्ष की 108 परिक्रमा कर विधि-विधान से पूजन किया तथा दान-पुण्य किया। दिलदारनगर रेलवे स्टेशन के पास स्थित राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में बरगद के वृक्ष के नीचे बड़ी संख्या में महिलाओं ने वट सावित्री व्रत का पूजन किया। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष अविनास जायसवाल पूजन स्थल पर पहुंचीं व्रती महिलाओं के साथ दान-पुण्य में सहभागिता की। मान्यता है कि वट सावित्री व्रत के पुण्य प्रभाव से महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर सुबह से ही पूजन-अर्चन में जुट गईं। देवालयों, नदी-तालाबों के किनारे स्थित पीपल एवं वट वृक्षों के नीचे व्रतियों की भारी भीड़ देखने को मिली।इसके बाद व्रती महिलाएं राधा-कृष्ण मंदिर पहुंचीं, जहां पुजारी राहुल पांडेय से सावित्री और सत्यवान की कथा सुनी। ब्राह्मणों के अनुसार सनातन संस्कृति में वट वृक्ष का विशेष धार्मिक महत्व है। पेड़ से नीचे लटकती लताओं को देवी सावित्री का स्वरूप माना जाता है।वट वृक्ष की जड़ों में ब्रह्मा, तने में भगवान विष्णु तथा शाखाओं में भगवान शिव का निवास माना जाता है। वट वृक्ष की पूजा से लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
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