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खतरे का निशान छूने को भागीरथी बेताब

बढ़ते जलस्तर के साथ मां गंगा अब खतरे का निशान छूने को बेताब है। गंगा का पानी किसी भी समय लाल निशान चूम सकता है। गोला घाट पर केंद्रीय जल बोर्डके अधिकारी लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हैं। वहीं बांध से छोड़े जा रहे पानी के आने पर यह तय लग रहा है। मुहम्मदाबाद, करंडा, समेत गाजीपुर के तटवर्ती इलाकों में हालात किसी भी दिन बिगड़ सकते हैं। गंगा में बाढ़ के खतरे को देखते हुए वाराणसी की एनडीआरएफ की टीम भी जिले से लगातार अपडेट ले रही ह।गंगा, कर्मनाशा, मगही नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए जल्द परेशानी होने वाली है। गंगा में पानी बढ़ने और नुकसान की आहट पाकर लोगों ने कुछ सामान बांध रहे हैं तो कई तैयारी में हैं। गंगा के तेवर में कमी आयी है लेकिन जलस्तर में वृद्धि लगातार हो रही है। प्रशासन की ओर से बाढ़ राहत चौकी और आपदा केंद्र को अलर्ट कर दिया गया है। पानी के आने के बाद गंगा के जलस्तर में लगभग 1 फीट की बढ़ोतरी होगी। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट में बताया गया है कि बीते 48 घंटे में गंगा नदी के जलस्तर में 14 सेमी की वृद्धि हुई है। 
 गंगा अभी भी खतरे के निशान 63.10 मीटर से थोड़ा सा नीचे बह रही है। रविवार को गंगा नदी का जलस्तर 62.990 मीटर रहा। लगातार जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ प्रभावित लोगों में बाढ़ का डर सताने लगा है। मुहम्मदाबाद क्षेत्र में भी दो दर्जन घर बाढ़ के पानी की जद में आ चुके हैं। कर्मनाशा ने जमानियां में सैकड़ों बीघा जमीन जलमग्न कर दी है। 

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  • Web Title:To touch the danger mark Bhagirathi Deshad