DA Image
Friday, December 3, 2021
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश गाजीपुरतेरह सौ परिषदीय विद्यालयों की चारदीवारी नहीं है

तेरह सौ परिषदीय विद्यालयों की चारदीवारी नहीं है

हिन्दुस्तान टीम,गाजीपुरNewswrap
Mon, 01 Nov 2021 03:10 AM
जिले में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित होते है। इसमें करीब तेरह सौ विद्यालयों में बाउड्रीवाल सहित अन्य सुविधाएं नहीं है। जिससे बच्चों को परेशानियों...
1/ 2जिले में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित होते है। इसमें करीब तेरह सौ विद्यालयों में बाउड्रीवाल सहित अन्य सुविधाएं नहीं है। जिससे बच्चों को परेशानियों...
जिले में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित होते है। इसमें करीब तेरह सौ विद्यालयों में बाउड्रीवाल सहित अन्य सुविधाएं नहीं है। जिससे बच्चों को परेशानियों...
2/ 2जिले में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित होते है। इसमें करीब तेरह सौ विद्यालयों में बाउड्रीवाल सहित अन्य सुविधाएं नहीं है। जिससे बच्चों को परेशानियों...

गाजीपुर। संवाददाता

जिले में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित होते है। इसमें करीब तेरह सौ विद्यालयों में बाउड्रीवाल सहित अन्य सुविधाएं नहीं है। जिससे बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई ऐसे भी परिषदीय विद्यालय संचालित हो रहें है, जहां इज्जत घर ही नहीं बने हैं। बीएसए हेमंत राव ने ऐसे विद्यालयों की सूची तैयार कराएं है। विधानसभा चुनाव के पहले यहां सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने को लेकर शासन से बजट के लिए पत्र भेजा है। वहीं विद्यालयों के परिसर सहित खेल कूद के मैदान व रसोई घर के सामने उगी बड़ी-बड़ी घासें सफाई अभियान की हकीककत बता रही हैं।

कई बार लिखा पत्र लेकिन नहीं हुई सुनवाई

जखनियां। स्थानीय ब्लाक अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय साहबपुर सोम्मर राय की अब तक बाउंड्रीवाल नहीं बनाई जा सकी है। विद्यालय के समीप गड़ही है, जहां अक्सर बच्चों के गिरने का भय बना रहता है। प्रधानाध्यापिका इंदू देवी ने बताया कि वर्ष 2013 से इस विद्यालय पर हूं। उसी समय से विभाग की बाउंड्रीवॉल बनवाने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखती आ रही हूं। लेकिन अब तक इसे नहीं बनाया जा सका है। खंड शिक्षा अधिकारी राममूर्ति यादव ने बताया कि पूरे ब्लॉक में जितने विद्यालय बाउंड्रीविहीन हैं, उनकी सूची खंड विकास अधिकारी को दे दी गयी है। खंड विकास अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि अगर ऐसा कोई विद्यालय है, तो उस विद्यालय का बाउंड्र निर्माण तत्काल शुरू करा दिया जाएगा।

विद्यालय के समीप तलाब से बच्चों को रहता है खतरा

जमानियां। कायाकल्प के तहत क्षेत्र के रामपुर फुफुआव गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय में शौचालय से लेकर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था के साथ ही कक्षों में टाइल्स लगाई गई लेकिन विद्यालय का बाउंड्री नहीं बनाया गया। ग्राम प्रधान यासमीन खातून ने बताया कि बाउंड्री कराने का भी कार्य किया जाएगा। नई बाजार उर्फ खरगसीपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्री वर्षो से नहीं बनाई गयी है। जबकि विद्यालय के समीप तलाब होने हमेशा खतरा बना रहता है। खण्डशिक्षा अधिकारी प्रभाकर यादव ने बताया कि नई बाजार उर्फ खरगसीपुर प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्री कराने के लिये शासन को अवगत कराया गया है। धनराशि आवंटित होते हीं बाउंड्री करा दिया जाएगा। सभी विधलयों मे कायाकल्प के तहत शौचालय, पानी व कक्षों में टाइल्स का कार्य किया गया है।

----------------------

चहारदीवारी नहीं होने से होती है असुविधा

सादात। शिक्षा क्षेत्र अंतर्गत करीब 45 ऐसे परिषदीय विद्यालय हैं, जिनकी चहारदीवारी नहीं है। इनमें आराजी कस्बा स्वाद, मजुई, फौलादपुर के कम्पोजिट विद्यालय, पचईपट्टी, पहाई, सरैयां, चकफरीद, कटयां, भीमापार आदि जगहों के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। चहारदीवारी के अभाव में शिक्षकों से लेकर बच्चों को भी काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। खण्ड शिक्षाधिकारी सुरेन्द्र नाथ प्रजापति ने बताया कि कुल 146 परिषदीय विद्यालयों में से लगभग 45 में चहारदीवारी न होने से होने वाली असुविधा को दूर करने के लिए प्रयास चल रहा है। उन्होंने बताया कि कई विद्यालयों में चहारदीवारी बनवाये जाने का कार्य ग्राम पंचायत और ऑपरेशन कायाकल्प द्वारा किया जा रहा है।

-------------------------

बाउंड्री नहीं होने से इधर-उधर घूमते हैं बच्चे

बारा। क्षेत्र में करीब 32 परिषदीय विद्यालयों में चहारदीवारी नहीं है। बाउंड्री नहीं होने के कारण बच्चे इधर उधर घूमते रहते है। वहीं सड़क से आते जाते लोगों को दख बच्चों को पढ़ाई में मन भी नहीं लगता है। विद्यालयों के प्रधानाचार्यो की ओर से बीईओ को विद्यालयों की सूची भी दे दी गयी है, लेकिन अबतक विद्यालयों में चहारदीवारी बनाने का कार्य शुरू नहीं हुआ है। बाउंड्रीविहीन विद्यालयों में अभिभावक भी बच्चों को पढ़ने के लिए भेजने में कतराते है।

-------------------------

बिजली कनेक्शन से कई विद्यालय वंचित

करंडा। करंडा क्षेत्र में बाउंडीवाल के निर्माण के लिए बीईओ रमेश श्रीवास्तव ने विद्यालयों की सूची बनाकर बीएसए हेमंत राव को भेज दिया है। क्षेत्र के अभी भी कई स्कूलों में बाउंड्रीवाल भी नहीं बन सकी है। करीब पांच ऐसे स्कूल हैं जहां बिजली कनेक्शन नहीं हो सका है। वैसे हकीकत तो कुछ और ही है। इन स्कूलों में बिजली का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई विद्यालयों में इज्जतघर होते हुए भी अव्यवस्थाओं के कारण उसका लाभ वहां के बच्चों व स्कूल स्टाफ को नहीं मिलता। खंड शिक्षा अधिकारी रमेश श्रीवास्तव ने बताया कि ऐसे विद्यालयों को चिंहित कर सभी सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा।

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें