Ghazipur News: चेहल्लुम पर फुल्ली में निकला ताजिया जुलूस
Ghazipur News: चेहल्लुम पर फुल्ली में निकला ताजिया जुलूस चेहल्लुम पर फुल्ली में निकला ताजिया जुलूस चेहल्लुम पर फुल्ली में निकला ताजिया जुलूस चेहल्लुम पर फुल्ली में न

Ghazipur News: दिलदारनगर, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के फुल्ली गांव में मोहर्रम के चेहल्लुम के अवसर पर अंजुमन इस्लामिया कमेटी के तत्वावधान में मंगलवार देर रात ताजिया जुलूस श्रद्धा और अकीदत के साथ निकाला गया। रात करीब नौ बजे शुरू हुए जुलूस में अकीदतमंदों ने नोहाखानी करते हुए 'या हसन' और 'या हुसैन' के नारों से पूरे गांव का माहौल गमगीन बना दिया। ताजिया जुलूस गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए मुख्य चौक पहुंचा, जहां पारंपरिक बना-बनेठी लाठी और गदका खेल का आयोजन किया गया।
पारंपरिक खेल का आयोजन
इस दौरान उत्तर प्रदेश के गहमर और बिहार के ब्रह्मपुर की टीमों ने अपनी पारंपरिक युद्धकला का शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने फुर्ती, संतुलन और आकर्षक करतबों से देर रात तक दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। हर प्रस्तुति पर लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में फुल्ली समेत आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। अंत में अंजुमन इस्लामिया कमेटी के पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों, अतिथियों, पुलिस प्रशासन और उपस्थित जनसमुदाय का आभार व्यक्त किया।
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यौमे आशूरा पर इमाम हुसैन की कुर्बानी को श्रद्धापूर्वक याद
कर्बला के शहीदों का स्मरण
जमानियां। यौमे आशूरा (10 मुहर्रम) के मौके पर कानूनगो मोहल्ला में आयोजित मजलिस में शाही जामा मस्जिद के सचिव मौलाना तनवीर रजा ने कर्बला के शहीदों और हजरत इमाम हुसैन की शहादत का मार्मिक बयान पेश किया। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन और उनके साथियों ने तीन दिन भूखे-प्यासे रहकर भी जुल्म के आगे सिर नहीं झुकाया और हक, इंसाफ और इंसानियत की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। मौलाना ने कर्बला के दर्दनाक वाकये, अहले बैत के सब्र और बच्चों की प्यास का जिक्र किया, जिसे सुनकर मजलिस में मौजूद अकीदतमंद भावुक हो उठे और कई लोगों की आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि यौमे आशूरा का संदेश हर दौर में सत्य, न्याय और अत्याचार के खिलाफ डटे रहने की प्रेरणा देता है। मजलिस में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग मौजूद रहे और इमाम हुसैन की कुर्बानी को श्रद्धापूर्वक याद किया।


