
धर्म के मार्ग का अनुसरण करें : स्वामी भवानीनन्दन यति
Ghazipur News - गाजीपुर के सिद्धपीठ हथियाराम के पीठाधिपति स्वामी भवानीनंदन यति महाराज ने रामहित कार्यक्रम में सेवा, सद्भाव और धर्म का संदेश दिया। उन्होंने रामभक्ति और सामाजिक सद्भाव को जीवन के मूल स्तंभ बताया। कार्यक्रम का उद्देश्य धर्म और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना है, ताकि नई पीढ़ी को सही मार्गदर्शन मिल सके।
सादात(गाजीपुर )। सिद्धपीठ हथियाराम के पीठाधिपति महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति महाराज ने बुधवार को ग्राम हुरमुजपुर में आयोजित रामहित कार्यक्रम में सेवा, सद्भाव और धर्म का संदेश दिया। उन्होंने मानवता को सर्वोपरि बताते हुए समाज को एकजुट करने वाले ऐसे कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रामभक्ति, सनातन संस्कृति और सामाजिक सद्भाव जीवन को सही दिशा देने वाले मूल स्तंभ हैं। उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन त्याग, सेवा, सत्य और धर्म का अनुपम उदाहरण है। स्वामी महाराज ने बताया कि रामहित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कार और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना है, ताकि आने वाली पीढ़ी को सही मार्गदर्शन मिल सके।
हुरमुजपुर निवासी सत्यनारायण सिंह के पुत्र संजीव सिंह की बेटी शांभवी सिंह स्वयं द्वारा बनाए गए महामंडलेश्वर के चित्र को उन्हें ही भेंट किया, जिसकी सबने सराहना किया। इस दौरान गांव के पद्मकांत पाण्डेय, संजीव सिंह, रामअवध सिंह, रामधनी यादव, आलोक सिंह, तेरास सिंह, रिंकू पाण्डेय, विक्रमादित्य शर्मा, रमेश पाण्डेय सहित 11 जोड़े ने गुरु दीक्षा ग्रहण किया। कार्यक्रम में स्वामी अभयानंद यति, शिवानंद उर्फ झुन्ना सिंह, विपिन कुमार पाण्डेय, संतोष कुमार सिंह, उदयभान सिंह, अशोक पाण्डेय, राजेश कुमार पाण्डेय, विनोद सिंह, सूर्यभान सिंह, अरविंद सिंह, नर्वदेश्वर सिंह, रामजी यादव, अनिल सिंह, शांभवी सिंह, संगीता सिंह, हेमलता सिंह, राम अवध सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




