DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

धरने पर बैठी साधना को मिला न्याय

क्षेत्र कि महुआरी गांव सभा में अपने ससुराल के सामने ही धरने पर बैठी विवाहिता साधना चौहान और उसके तीन छोटे-छोटे मासूम बच्चों को अंतत: न्याय मिल ही गया। बेघर हो चुकी विवाहिता और उसके बच्चों को रहने का आशियाना मिला गया। उपजिलाधिकारी सहित प्रभारी इंचार्ज कासिमाबाद धरने पर बैठी महिला के घर पहुंचे और घरवालों को साधना को घर में जाने देने के लिए समझाने बुझाने का प्रयास किये। इस पर बखेड़ा करने वाले साधना के ससुर सहित उनके बड़े भाई को पुलिस ने हिरासत में लेकर उनका आईपीसी की धाराओं में से पंजीकृत कर जेल भेज दिया है। जबकि बेघर हो चुकी साधना को अपने पति के घर में रहने का अधिकार मिल गया।

मालूम हो कि साधना चौहान पत्नी प्रमोद चौहान अपने तीन छोटी छोटी पुत्रियां क्रमश: काजल 8 वर्ष, आंचल 5 वर्ष और कृति 2 वर्ष को लेकर अपने ससुराल के सामने धरने पर बैठी थी। उसके ससुर और ससुर के बड़े भाई द्वारा उसको घर में जाने देने से रोक दिया था। उसका संघर्ष लगभग एक हफ्ते तक चला। संघर्ष को लंबा खींचता देख प्रशासन अपनी कुंभकर्णी निद्रा से जागा और मौके पर पहुंचकर ससुराल उसके परिवार वालों को समझा बुझाकर महिला को घर में जाने देने की बात करने लगा। उसके बावजूद विवाहिता साधना के ससुर राम सूचित चौहान और ससुर के बड़े भाई हीरा चौहान द्वारा अड़चन पैदा करने पर प्रभारी इंचार्ज जयश्याम शुक्ला सहित उपजिलाधिकारी मंसा राम वर्मा ने उनको गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। पुलिस ने हीरा चौहान को गिरफ्तार कर उसका चालान करने के बाद जेल भेज दिया। इसके बाद साधना को घर के अंदर प्रवेश कराया गया।

-----------

भाजपा नेत्री ने दिया साधना का साथ

कासिमाबाद। इस पूरे प्रकरण में कासिमाबाद प्रशासन की किरकिरी तब हो गई जब अपने अधिकार के लिए धरने पर बैठी महिला की आवाज भाजपा नेत्री केतकी सिंह द्वारा उठाया गया। इसको लेकर भाजपा नेत्री द्वारा जिलाधिकारी तक को कासिमाबाद प्रशासन की लापरवाही और संवेदनहीनता के प्रकरण को उजागर किया गया। जिस पर जिलाधिकारी के आदेश द्वारा त्वरित कार्रवाई प्रशासन को करना पड़ा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Sadhana on the dharna gets justice