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गाजीपुर

बागी प्रत्याशियों को भाजपा से बाहर का रास्ता

हिन्दुस्तान टीम,गाजीपुरPublished By: Newswrap
Mon, 26 Apr 2021 10:11 PM
बागी प्रत्याशियों को भाजपा से बाहर का रास्ता

गाजीपुर। वरिष्ठ संवाददाता

भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद कई आवेदक अब जिला पंचायत चुनाव में ताल ठोक दिएहैं। इस चुनाव में कुछ तो प्रबल दावेदार के रुप में उभरे हैं तो कुछ ने तो भाजपा प्रत्याशी को हराने की ठान ली है। प्रत्याशियों के खिलाफ बनते माहौल और भाजपा के वोटों में सेंधमारी पर संगठन सक्रिय हो गया है। भाजपा जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने बागी प्रत्याशियों को अल्टीमेटम के बाद अब बाहर का रास्ता दिखाया है। उनकी सदस्यता को समाप्त करते हुए उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया है। पार्टी की कार्रवाई के बाद बागियों में हडकंप मच गया हालांकि इनमें से कोई भी बैकफुट पर आने को तैयार नहीं है और सभी चुनावी मैदान में कड़ी टक्कर देंगे।

भारतीय जनता पार्टी जिला पंचायत के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ बागी अपने ही दल के उम्मीदवारों को चुनौती दे रहे 19 भाजपा कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को लेकर पार्टी ने सख्त रुख अख्तियार किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह की संस्तुति पर जिलाध्यक्ष भानूप्रताप सिंह ने पार्टी के 19 कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को प्राथमिक सदस्यता एवं कार्य गतिविधियों से निलंबित कर दिया गया। इसमें बाराचवर प्रथम से चुनाव लड़ रही लली राय पत्नी राजेश राय, बाराचवर चतुर्थ से अंजू सिंह पत्नी अजय सिंह, कासिमाबाद द्वितीय से जितेन्द्र कुमार सत्यार्थी, कासिमाबाद पंचम से सत्यप्रकाश सिंह पप्पू, मरदह प्रथम से हरिप्रसाद पांडेय, बिरनो तृतीय से विवेकानंद पांडेय, जखनियां द्वितीय से राजेश कुमार सोनकर, जखनियां चतुर्थ से पप्पू गोड़, जखनियां पंचम से लक्ष्मण चौहान, सादात द्वितीय से शशिकला, सादात तृतीय से बृजबाला, सैदपुर तृतीय से मिथिलेश दीक्षित, रेवतीपुर प्रथम इंदू सिंह एवं वंशिका राय, रेवतीपुर द्वितीय से अशोक चौरसिया, रेवतीपुर तृतीय से मनोज कुमार राय, रेवतीपुर चतुर्थ से सुनंदा सिंह, भदौरा प्रथम से ममता सिंह पत्नी भक्ति सिंह, भदौरा चतुर्थ से निशा कुमारी तथा भांवरकोल चतुर्थ से प्रिया उपाध्याय शामिल हैं। जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने कहा कि इनको बागी प्रत्याशी मानते हुए पार्टी के सिद्धांत विचार से परे होकर कार्य करने के कारण छह वर्षों के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता एवं कार्य गतिविधियों से निलंबित कर दिया गया है। संगठन से जुड़कर कार्य करने वाला कोई भी व्यक्ति संगठन के निर्णय एवं सिद्धांत-विचार की अवहेलना कर संगठन में नहीं बना रह सकता है।

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