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गाजीपुर में पल्स पोलियो अभियान की तैयारियां पूरी

जनपद में 23 से 28 जून तक पल्स पोलियो अभियान शुरू किया जाएगा। जहां जन्म से पांच वर्ष तक के 5.4 लाख बच्चों को पोलियो खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिलाधिकारी के.बालाजी की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक भी हो चुकी है। डब्ल्यूएचओ के डा. पंकज सुथार ने बताया कि पोलियो या पोलियोमेलाइटिस एक गंभीर और खतरनाक बीमारी है।

पोलियो वायरस से होता है। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलता है। साथ ही यह वायरस जिस भी व्यक्ति में प्रवेश करता है, उसके मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है। इसकी वजह से लकवा भी हो सकता है।

मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जीसी मौर्य ने बताया कि यह दवा पांच वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चों के लिये आवश्यक है। यह दवा जन्म पर, छठे, दसवें व चौदहवें सप्ताह में फिर 16 से 24 माह की आयु में बूस्टर की खुराक दी जानी चाहिए। पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों को बार-बार खुराक पिलाने से पूरे क्षेत्र में इस बीमारी से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। इससे पोलियो के विषाणु को पनपने से रोकती है। साथ ही उन्होंने बताया कि 23 जून को जनपद के सारे प्राथमिक विद्यालय खुले रहेंगे और इस दौरान मिड-डे-मील भी बनाए जाएंगे। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. आरके सिन्हा ने बताया कि पिछले चरण की तरह इस चरण के लिए भी जन्म से पांच वर्ष तक के 5.4 लाख संभावित बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

पिछले चरण में जनपद की उपलब्धि 66 प्रतिशत थी। उन्होंने बताया कि इस चरण के लिए जिले भर में 2009 बूथ बनाए गए हैं। साथ ही 64 मोबाइल टीम भी बनाई गई है। इसके माध्यम से 23 जून को बूथ स्तर पर पोलियो अभियान चलाया जाएगा। अभियान के लिए 948 टीमें बनायी गयी है, जो 24 जून से 28 जून तक घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का काम करेगी। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर पोलियो की खुराक पिलाने के लिए 97 टीम ने बनाई गयी हैं। पल्स पोलियो के कार्यक्रम को सकुशल निपटाने के लिए 6027 एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकत्री सहयोग करेंगी।

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  • Web Title:Pulse Polio campaign ready in Ghazipur