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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश गाजीपुरजिला अस्पताल में पीडियाट्रिक वार्ड सुविधाओं से लैस, इलाज को तैयार

जिला अस्पताल में पीडियाट्रिक वार्ड सुविधाओं से लैस, इलाज को तैयार

हिन्दुस्तान टीम,गाजीपुरNewswrap
Sat, 23 Oct 2021 03:11 AM
जिला अस्पताल में पीडियाट्रिक वार्ड सुविधाओं से लैस, इलाज को तैयार

गाजीपुर। संवाददाता

कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयारी में जुटा है। चिकित्सकों का मानना है कि तीसरी लहर में बच्चों में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैलेगा। इसलिए विभाग की ओर से जिला अस्पताल में 60 बेड पीडियाट्रिक वार्ड बना है। शासन द्वारा यहां पर नई एवं आधुनिक तकनीक के यंत्र उपलब्ध कराएं हैं। यह जानकारी बाल रोग विशेषज्ञ एवं नोडल अधिकारी पीडियाट्रिक वार्ड डा. सुजीत कुमार मिश्रा ने दी।

जिला अस्ताल में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए 60 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड बना है। बाल रोग विशेषज्ञ डा. सुजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक वार्ड में 67 वेंटिलटर, 20 हाई डिफेंडसी यूनिट वार्ड जिसमे छोटा वेंटीलेटर लगाए गए है। इसके साथ ही 20 आइसोलेशन वार्ड में सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई के साथ ऑक्सजिन कंसट्रेटर लगाए गए हैं। वार्ड में लगे 67 वेंटिलेटर कार्य कर रहे हैं। इन वेंटिलेटर की जरूरत मरीज को तब पड़ती है जब वह खुद से सांस नहीं ले पाता है। इसके अलावा 10 एचडीयू वार्ड में प्रेशर वाई पैक मशीन भी लगायी गयी है। जो मरीजों को प्रेशर से ऑक्सीजन देता है। उन्होंने बताया कि इस मशीन की जरूरत मरीज को तब होती है जब वह पूरी तरह से सांस नहीं ले पाता या फिर रुक-रुक कर लेता है | इससे मरीज नाक और मुंह दोनों से ऑक्सीजन लेता है। इस वार्ड में छह छोटे वेंटिलेटर भी लगे लगाए गए है। जिसके माध्यम से मरीज को नाक के जरिये ऑक्सीजन दिया जाता है। इसके साथ ही 125 ऑक्सीज़न कंसंट्रेटर भी लगाए गए हैं। जो एक से 10 लीटर तक ऑक्सीजन देता है। इसकी मरीजों की जरूरत तब पड़ती है जब उनका ऑक्सीजन लेवल 85 से 92 % पर आ जाता है। इसके अलावा दो एसिड ब्लड गैस मशीन (एबिजी)भी लगाई गई है, जो ब्लड में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का लेबल बताता है। इस वार्ड में आठ वार्मर लगाए गए हैं, जो कम वजन के बच्चों के बेड को गर्म करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसके साथ ही 60 सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई बेड के साथ लगाया गया है ताकि मरीज को ऑक्सीजन की किसी भी तरह की दिक्कत न हो । इस पूरे वार्ड की देखरेख के लिए जिला अस्पताल में इसके लिए बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती भी है। जिसमें डॉ तनवीर अफरोज व मेडिकल कॉलेज की नई चिकित्सक डा. आस्था भट्ट भी शामिल हैं ।

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