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गाजीपुर से वर्षों पुराना रिश्ता: शबीना अदीब

प्रख्यात शायरा शबीना

बड़े-बड़े शहरों और विदेशों में प्रस्तुति करने वाली प्रख्यात शायरा शबीना  अदीब गाजीपुर के लिए नई नहीं हैं। गाजीपुर से उनका वर्षों पुराना रिश्ता है और वे कई बार यहां पर देश के अन्य बड़े कवियों के साथ मंच साझा कर चुकी हैं। वे गाजीपुर की मिट्टी को शहीदों के बलिदान और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत मानती हैं। 

रविवार को शाम-ए-हिन्दुस्तान कवि सम्मेलन और मुशायरे के लिए पहुंची शायरा शबीना अदीब ने गाजीपुर से अपने रिश्तों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इससे पहले 2011-12 में वे गाजीपुर में कवि सम्मेलन में शामिल हुईं थी। इस जमीन से हमेशा अपनेपन का एहसास होता है। जब गाजीपुर से बुलावा मिला तो व्यस्त शेड्यूल के बाद भी जाने के लिए हामी भर दी। शबाना अदीब ने कहा कि यूं तो देशभर के कई शहरों और विदेशों तक काव्य पाठ किया लेकिन पूर्वांचल की बात ही अलग है। बनारस और गाजीपुर में आने का मन होता है।  गाजीपुर वीरों की धरती है और यहां के जवानों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों को बलिदान किया है। करगिल से लेकर चीन और बांग्लादेश के खिलाफ गाजीपुर ने शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया। इसीलिए वे गाजीपुर से विशेष लगाव रखती है।

नाम सुना था आज गाजीपुर देख भी लिया: डॉ. भुवन मोहिनी 
श्रृंगार रस की कवियत्री डॉ. भुवन मोहिनी कवि सम्मेलन में श्रोताओं के बीच मुग्ध दिखीं। उन्होंने हिन्दुस्तान का आभार जताते हुए कहा कि देश में कहीं भी व्यस्त होती हूं फिर भी कभी हिन्दुस्तान का बुलावा नहीं ठुकराती हूं। गाजीपुर में आने को लेकर उन्होंने कहा कि गाजीपुर का नाम बहुत सुना था आज देख भी लिया। कई बार लोगों ने गाजीपुर का जिक्र किया था लेकिन जिले में किसी काव्य पाठ का आमंत्रण नहीं मिला। इस धरती पर आकर गर्व का अनुभव कर रहीं हूं। 

श्रोता नहीं हटे, कवि को और क्या चाहिए: गजेंद्र प्रियाशु 
कवि सम्मेलन में आकर्षण का केंद्र रहे कवि गजेंद्र प्रियाशु गाजीपुर अच्छा लगा। आयोजन पर उनका कहना था कि बारिश के बीच श्रोताओं की एकाग्रता से आनंद दोगुना होगया। कविताओं का आगाज से समापन तक कोई भी श्रोता जगह से नहीं हिला, एक कवि को और क्या चाहिए। उन्होंने आयोजन के लिए हिन्दुस्तान का धन्यवाद भी दिया। 

तपोभूमि है गाजीपुर: हेमंत पाण्डेय
कानपुर से चलकर पहुंचे हास्य कवि हेमंत पांडेय गाजीपुर बार-बार आना चाहते हैं। उनका कहना है कि श्रोताओं का प्यार कवियों को आकर्षिंत करता है। हम गाजीपुर के पहले भी आए है और इस शहर में भरपूर प्यार मिलता है। यह मुनि विश्वामित्र और जमदग्नि  नगरी है। वीरों ने इसे अपने गौरव से सींचा है।

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  • Web Title:Old Relationship from Ghazipur Shabina Adeeb