Ghazipur News: सात वर्ष की उम्र से थाम लेते हैं हॉकी स्टिक, करमपुर ने दिए 17 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
Ghazipur News: खानपुर के करमपुर स्थित मेघबरन सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम ने भारतीय हॉकी में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यहां से 17 खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं। खिलाड़ियों को 7-8 वर्ष की उम्र से हॉकी प्रशिक्षण दिया जाता है। कई खिलाड़ी सरकारी विभागों में नौकरी पा चुके हैं, जबकि खेल प्रेमियों ने स्व. ठाकुर तेजबहादुर सिंह को द्रोणाचार्य पुरस्कार देने की मांग की है।

Ghazipur News: खानपुर, हिन्दुस्तान संवाद। करमपुर स्थित मेघबरन सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम ने भारतीय हॉकी में अपनी अलग पहचान बनाई है। स्टेडियम से अब तक 17 खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुके हैं।
स्टेडियम का योगदान
स्टेडियम के जनक स्व. ठाकुर तेजबहादुर सिंह ने गांव में हॉकी की मजबूत नींव रखी, जिसे नई पीढ़ी आगे बढ़ा रही है। स्टेडियम की खासियत है कि यहां बच्चों को करीब सात-आठ वर्ष की उम्र से ही हॉकी का प्रशिक्षण दिया जाता है। वर्तमान में करीब 35 खिलाड़ी सुबह-शाम अभ्यास कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
यहां से विनोद कुमार सिंह, शशिकांत भारद्वाज, अजीत पांडेय, राजकुमार पाल, उत्तम सिंह, चंदन यादव, पवन राजभर, राहुल राजभर, आशु मौर्य, अजीत यादव, विशाल पांडेय, राहुल भारद्वाज, जमीला बानो, रोमित पाल और प्रहलाद राजभर समेत 17 खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं। वर्तमान में छह खिलाड़ी भारतीय हॉकी के विभिन्न आयु वर्गों में खेल रहे हैं।
नौकरियों में सफलता
स्टेडियम से प्रशिक्षण लेने वाले 200 से अधिक खिलाड़ी हॉकी के दम पर पुलिस, सेना समेत विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी हासिल कर चुके हैं। इससे क्षेत्र के युवाओं में खेल के प्रति आकर्षण बढ़ा है।
द्रोणाचार्य पुरस्कार की मांग
खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों ने हॉकी के विकास में अहम योगदान देने वाले स्व. ठाकुर तेजबहादुर सिंह को द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित करने की मांग की है। उनका कहना है कि उनके प्रयासों से गांव की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली।


