50 हजार मजदूरों को तीन माह का नहीं मिला पारिश्रमिक
Ghazipur News - गाजीपुर में मजदूरों के पलायन को रोकने के प्रयास विफल होते नजर आ रहे हैं। तीन महीने से मजदूरी न मिलने से श्रमिकों का रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है। 60 हजार में से 50 हजार श्रमिकों को भुगतान नहीं मिला है, जिससे त्योहार भी फीका पड़ गया है। अधिकारी जल्द भुगतान का आश्वासन दे रहे हैं।

गाजीपुर, संवाददाता। मजदूरों का पलायन रोकने के लिए स्थानीय तौर पर रोजगार उपलब्ध कराने की कोशिशों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। क्योंकि मजदूरों को काम तो मिला, लेकिन तीन महीने से मजदूरी नहीं मिली। इससे उनके समक्ष रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। बच्चों की परवरिश करना भी मुश्किल हो गया है। मजदूरी में विलंब के कारण सक्रिय मजदूरों की संख्या भी घटने लगी है। पंजीकृत तीन लाख 52 हजार श्रमिक है। इसमें करीब 60 हजार श्रमिक एक्टिव है। जिसमें से 50 हजार श्रमिकों का तीन माह से मानदेय नहीं मिला है। अब यह श्रमिक विभागीय हीलाहवाली से परेशान हो गये है।
श्रमिक को गांव में ही रोजगार मिले, इसके लिए मनरेगा शुरू हुआ था। जिसमें काम करने के लिए गाजीपुर में तीन लाख 52 हजार श्रमिकों ने पंजीयन कराया। हालांकि नियमित काम नहीं मिलने से फिर श्रमिकों शहरों में पलायन कर गये। इसमें एक्टिव 60 हजार श्रमिकों में 50 हजार श्रमिकों के तीन माह का मजदूरी नहीं मिला है। होली में मनरेगा की मजदूरी नहीं मिलने से त्योहार भी फीका हो गया। इसके लिए आसपास के लोगों से कर्ज तक लेने के नौबत आ गया है। श्रमिकों ने विभागीय अधिकारियों पर मानदेय भुगतान करने में विलंब करने का भी आरोप लगाया। तीन महीने से मजदूरी का भुगतान नहीं होने से मजदूर काफी परेशान हैं। ऐसे में मजदूरों के लिए घर चलाना मुश्किल साबित हो रहा है। जिला प्रशासन का इस पूरे मामले में अपना अलग ही तर्क है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही भुगतान हो जाएगा।
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