लाखों खर्च के बाद भी आरआरसी सेंटर बने शोपीस, कूड़ा प्रबंधन ठप
गाजीपुर में ठोस कचरा प्रबंधन के लिए बनाए गए रिसोर्स रिकवरी सेंटर शोपीस बन गए हैं। 448 ग्राम पंचायतों में से 418 सेंटर का निर्माण हो चुका है, लेकिन अधिकांश में कूड़ा निस्तारण कार्य शुरू नहीं हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी की लापरवाही के कारण योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
गाजीपुर, संवाददाता। जनपद में ठोस कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बनाए गए रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) कई स्थानों पर शोपीस बनकर रह गए हैं। शासन की महत्वाकांक्षी योजना के तहत जिले की 448 ग्राम पंचायतों में आरआरसी सेंटर निर्माण का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 418 का निर्माण पूरा भी हो चुका है। इसके बावजूद अधिकांश केंद्रों पर कूड़ा निस्तारण कार्य शुरू नहीं हो सका है। स्थिति यह है कि कूड़ा संग्रहण के लिए खरीदे गए वाहन पंचायत भवनों या केंद्रों के पास खड़े-खड़े जंग खा रहे हैं। डोर-टू-डोर कचरा उठान की व्यवस्था कागजों तक सीमित है, जिससे गांवों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
कई जगहों पर कूड़ा खुले में फेंका जा रहा है या तालाबों और खाली स्थानों में डंप किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों की लापरवाही के कारण योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई केंद्रों पर न तो पर्याप्त कर्मचारी तैनात हैं और न ही नियमित निगरानी की व्यवस्था है।अधिकारियों का कहना है कि जहां भी संचालन में लापरवाही सामने आएगी, वहां जांच कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जल्द ही सभी आरआरसी सेंटरों को सक्रिय कर कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था को सुचारु बनाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, जब तक धरातल पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक यह योजना अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाएगी।
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