जनगणना: शुरू हुआ घरों का सर्वे, घर-घर पहुंचे कर्मचारी

हिन्दुस्तान, गाजीपुर
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गाजीपुर में जनगणना वर्ष 2027 के तहत स्व गणना की प्रक्रिया समाप्त हो गई है। जिले में 84 हजार से अधिक लोगों ने ऑनलाइन जानकारी भरी। शुक्रवार से हाउस सर्वे का कार्य शुरू हो गया है। एडीएम ने लोगों से सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है। जनगणना में 33 अनिवार्य प्रश्न पूछे जाएंगे।

जनगणना: शुरू हुआ घरों का सर्वे, घर-घर पहुंचे कर्मचारी

गाजीपुर, कार्यालय संवाददाता। जिले में जनगणना वर्ष 2027 के तहत स्व गणना की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। स्वगणना में जिले में 84 हजार से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन जानकारी भरी। इसके बाद शुक्रवार से हाउस सर्वे का कार्य शुरू हो गया। जिलेभर में 8062 कर्मचारियों ने लोगों के घर-घर जाकर 'मकान सूचीकरण और मकानों की गणना' का कार्य शुरू कर दिया है। 22 मई से शुरू यह अभियान 20 जून तक चलेगा। एडीएम वित्त एवं राजस्व वेद सिंह चौहान ने बताया कि जनगणना कार्य को पूरी तरह डिजिटल और त्रुटिहीन बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसके तहत आवंटित क्षेत्रों में नियुक्त प्रगणक प्रत्येक घर का दौरा करेंगे। उनके द्वारा सबसे पहले मकानों की नंबरिंग (भवनों पर नंबर अंकन) का कार्य किया जाएगा। इस वृहद प्रशासनिक कार्य को समयबद्ध और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए जनपद में कुल 8062 कार्मिकों की ड्यूटी प्रगणक और पर्यवेक्षक के तौर पर लगाई गई है। सभी तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को पूर्व में ही तकनीकी व व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा चुका है। एडीएम ने जनपदवासियों से अपील किया कि जब भी प्रगणक उनके घर पर आएं, तो उन्हें सही और सटीक विवरण उपलब्ध कराएं। यह राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जिसमें हर नागरिक का सहयोग अत्यंत अनिवार्य है।

पूछे जाएंगे 33 अनिवार्य प्रश्न

जनगणना के दौरान भवन संख्या, मकान की स्थिति, कमरों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, पेयजल, बिजली, शौचालय, रसोई गैस, खाना बनाने का ईंधन, मोबाइल, स्मार्टफोन, इंटरनेट, टीवी, कंप्यूटर, वाहन और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली जाएगी। प्रत्येक परिवार से कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। जिन लोगों ने पहले ही स्वगणना पूरी कर ली है, वे गणनाकर्मी को अपना एसई नंबर दिखा सकते हैं। इसके लिए किसी भी प्रकार का ओटीपी साझा नहीं करना होगा।

गणनाकर्मी की पहचान कैसे?

गणनाकर्मी की पहचान क्यूआर कोड वाले परिचय पत्र से की जा सकेगी। भीषण गर्मी और लू को देखते हुए गणनाकर्मियों को सुबह आठ बजे से पहले और शाम चार बजे के बाद घरों में जाने की सलाह दी गई है। पहले चरण में जाति से जुड़ी जानकारी नहीं ली जाएगी। अगले वर्ष फरवरी में शुरू होने वाले दूसरे चरण में जातिगत और व्यक्तिगत जानकारी दर्ज की जाएगी।

एप से होगी डिजिटल प्रविष्टि

इस बार जनगणना का कार्य पारंपरिक कागजों के बजाय पूरी तरह डिजिटल मोड में होगा। प्रगणक अपने मोबाइल में एचएलओ (हाउसिंग लिस्टिंग ऑपरेशन) ऐप के माध्यम से मौके पर ही परिवार का वास्तविक डेटा ऑनलाइन दर्ज करेंगे। इससे गलतियों के होने की आशंका न के बराबर होंगे।

फेज दो में होगी जातिगत जनगणना

जनगणना के दूसरे चरण में फरवरी 2027 से इंसानों की गिनती का सिलसिला शुरू होगा। तब जाति और धर्म से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे। हालांकि इन सवालों का क्या प्रारूप होगा, यह अभी सामने नहीं आया है। अगले साल एक मार्च की रात 12 बजे देश की जनसंख्या के आंकड़े जारी किए जाएंगे।

84 हजार लोगों ने ही की स्वगणना

गाजीपुर। जनगणना के तहत जिले में 21 मई तक स्वगणना की प्रक्रिया चली। हालांकि उम्मीद के मुताबिक कम लोगों ने रुचि दिखाई। जिले में 84880 लोगों ने ही ऑनलाइन स्वगणना किया। जबकि एक लाख स्व गणना कराने का लक्ष्य रखा गया था। सबसे ज्यादा गाजीपुर नगर पालिका में 51 फीसदी लोगों ने स्वगणना की तो दिलदारनगर में सबसे कम 0.03 प्रतिशत लोगों ने ही स्वगणना की।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनगणना के दौरान कितने अनिवार्य प्रश्न पूछे जाएंगे?
जनगणना के दौरान कुल 33 अनिवार्य प्रश्न पूछे जाएंगे।
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