55 हजार किसानों की सम्मान निधि पर ब्रेक
गाजीपुर में 55 हजार किसान ऐसे हैं जिनकी फार्मर रजिस्ट्री नहीं हुई है, जिससे उन्हें सम्मान निधि नहीं मिलेगी। गिरावट के कारणों में अंश निर्धारण न होना और खतौनी में नाम का अंतर शामिल है। कृषि विभाग जागरूकता अभियान चला रहा है ताकि इन किसानों की रजिस्ट्री की जा सके।

गाजीपुर, संवाददाता। जनपद में 55 हजार किसान ऐसे हैं, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री अभी तक नहीं बन पाई है। ऐसे में इन किसानों को सम्मान निधि नहीं मिल पाएगी। इन किसानों के अंश निर्धारण न होने और खतौनी में किसानों के नाम आदि में अंतर के कारण फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। फार्मर रजिस्ट्री अभियान की रिपोर्ट कृषि विभाग ने जिला प्रशासन को भेज दी है। अब अगली किस्त फार्मर रजिस्ट्री सहित अन्य दस्तावेज में खामियां मिलने पर सम्मान निधि नहीं मिलेगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत गाजीपुर में करीब पांच लाख 10 हजार किसान पंजीकृत हैं। इनमें से 55 हजार किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है। जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त 4,17,832 किसानों के खातें में दो दो हजार रुपये के हिसाब से भेजी गई है। अब विभाग की ओर से 55 हजार किसानों की फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए जागरूकता अभियान सहित कैंप भी लगाए जा रहे हैं। जबकि 6039 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री सत्यापन के लिए शेष है। फार्मर रजिस्ट्री शासन की प्राथमिकता में है। इसे पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है.
किसानों की समस्या के कारण
कृषि विभाग ने जिला प्रशासन जो रिपोर्ट सौंपी है, उसके अनुसार अभी 55 हजार किसान फार्मर रजिस्ट्री से शेष हैं। इनमें 19 हजार किसान अंश निर्धारण के, 13 हजार किसान खतौनी में दर्ज नाम में अंतर और 22 हजार किसान अन्य कारणों से फार्मर रजिस्ट्री नहीं करा रहे हैं। कृषि विभाग के अनुसार अन्य कारण वाले किसान ऐसे हैं, जिनके अंश निर्धारण की कार्रवाई पूरी है।
खतौनी में नाम का अंतर
खतौनी में नाम भी सही दर्ज है, लेकिन उनको लगता है कि केसीसी आदि की किस्त फार्मर रजिस्ट्री बनने के बाद से उनके खाते से स्वत: कटने लगेगी।
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