DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सर्जन के बिना चल रहा जिला अस्पताल

जिला अस्पताल इन दिनों राम भरोसे चल रहा है। सारा सिस्टम फेल सा हो गया है। अस्पताल में ना तो जरूरत के अनुसार चिकित्सक मौजूद हैं और ना ही बुनियादी सुविधाएं। जो सुविधाएं मिल रही हैं वह भी आधी अधूरी ही मिल रही हैं। इसके चलते लोगों को नीम हकीमों के शरण में जाना पड़ रहा है। 

अगर किसी को अदने फोड़े का भी आपरेशन कराना है तो उसको सर्जन के अभाव में रेफर कर दिया जा रहा है। पीड़ित को या तो प्राइवेट अस्पतालों में जाकर इलाज कराना पड़ता है या तो वाराणसी जाना पड़ता है। एक्सीडेंटल केस को तो तुरंत वाराणसी के लिए रेफर कर दिया जाता है। हड्डी रोग विशेषज्ञ के नाम पर केवल एसएन प्रसाद की तैनाती है वह सीएमओ का भी पदभार लिए हुए हैं इस लिए वह भी व्यस्त रहते हैं। प्लास्टर कराने के लिए मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों का ही सहारा लेना पड़ता है। फिजिशियन और बाल रोग विशेषज्ञ तो कई हैं लेकिन, अस्पताल में इतने तादात में मरीज आ रहे हैं कि ओपीडी में इनको पानी पीने की भी फुर्सत नहीं मिलती है। भीड़ इतना जयादा होता है कि मरीजों का नंबर देर से आता है। मरीज या उनके परिजन चिकित्सकों पर ही अपना गुस्सा निकालने लगते हैं। ओपीडी में सुरक्षा बल लगाना पड़ता है। 

पैथोलाजी भी नहीं देती सही रिपोर्ट
जिला अस्पताल में संचालित पैथोलाजी की रिपोर्ट सही नहीं आ रही है। साधारण बीमारी को भी रिपार्ट में गंभीर दिखा दिया जाता है। कई ऐसे मरीज हैं जिन्होंने जांच कराया तो जिला अस्पताल में रिपोर्ट कुछ और बाहर के पैथोलाजी के रिपार्ट में अंतर आया। इतना ही नहीं सीबीसी कम्प्लीट ब्लड काउंट की रिपोर्ट मशीन काउंट ही नहीं कर पा रही है। इसी रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सक इलाज कर रहे हैं और उल्टी सीधी दवाएं दे रहे हैं इसके चलते मरीज ठीक होने के बजाय और बीमार पड़ते जा रहे हैं। महकमे के अफसर सब कुछ जानते हुए आंख बंद किए हुए हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:District Hospital without Surgeon