DA Image
19 अक्तूबर, 2020|5:46|IST

अगली स्टोरी

भाकपा माले ने धरना देकर बुलंद की अधिकारों की आवाज

भाकपा माले ने धरना देकर बुलंद की अधिकारों की आवाज

अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा भाकपा (माले) के कार्यकर्ताओं ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत विभिन्न मांगों को लेकर तहसील मुख्यालय स्थित रामलीला मैदान में धरना दिया। सैकड़ों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।

कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए भाकपा (माले) के जगबली वनवासी ने कहा कि सबका साथ सबका विकास का नारा देकर सत्ता में आयी मोदी-योगी सरकार ने करोड़पतियों को अरबपति बनाने के लिए खेती, किसानी, सार्वजनिक क्षेत्रों को रेल, बैंक, बीमा आदि सबकुछ औने-पौने दाम पर नीलाम कर रही है। गरीब को और गरीब बनाकर उनके काम की मजदूरी छह महीने तक रोककर, गांव-गांव में राशन की कटौती की खुली छूट देकर भुखमरी और ढकेला जा रहा है, जबकि आज जरूरत है कि हर गरीब को महीने में पांच किलों नहीं 15 किलो प्रति यूनिट राशन, दाल, चीनी, मशाला, तेल समेत मास्क मुफ्त में वितरित करने की। कोटे की दुकान से राशन की कटौती करने वाले चना गरीबों को देने के बजाय कालाबाजारी करने वाले कोटेदारों का लाइसेस रदद करने की मांग उठायी।

रामप्यारे राम ने कहा कि मोदी-योगी सरकार झूठी साबित हुई है। गरीब तके के लोग नमक, रोटी, चावल, माड़ खाकर परिवार का पेट भर रहे हैं। ऐसे समय में गुन्डई टैक्स की तरह बिजली बिल की भी वसूली की जा रही है। उन्होंने कहा कि 15 व 16 सितम्बर की रात धुस्का गांव में मदन चन्द्र वनवासी की हत्या कर दी गयी। मुकदमा दर्ज भी हुआ, लेकिन मृतक के परिवार को शासन व प्रशासनिक स्तर पर आर्थिक सहायता दिलाने के लिये कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मृतक परिवार को बीस लाख रुपये का मुआवजा राहत घोषित किये जाने की मांग की। साथ ही पांच बीघे जमीन का पट्टा मृतक की पत्नी के नाम करने और मृतक मदनचन्द्र के क्रियाकर्म के लिये तत्काल परिवार को 50 हजार रुपये देने की मांग की। अंत में मौके पर तहसीलदार आलोक कुमार धरना स्थल पहुंचकर अलग-अलग मांग पत्र को लिया। और आश्वासन दिलाया कि मांग पत्र को पूरा कराने के लिये विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जायेगी। इस दौरान रामप्रवेश कुशवाहा, रामप्यारेराम, कौशिल्या देवी, गोरख राजभर, सदानंद मौर्य, रोहित बिंद, रमाशंकर राजभर, दुखी पासी आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

यह मांगें

जमानियां। भुखमरी से बचाने के लिए गांवों में दो सौ दिन काम दिया जाय, बकाया मजदूरी का भुगतान किया जाय, किसान विरोधी बिल रदद किया जाय, डीजल व रसोई गैस की कीमत आधा किया जाय, बिजली बिल माफ किया जाय, इलाहाबाद (प्रयागराज) में गिरफ्तार छात्र नेताओं को तत्काल रिहा किया जाय, राशन की कटौती करने वाले कोटेदारों का लाइसेंस रद हो।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:CPI male holds the voice of the rights of Buland by staging