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कोडीन कफ सिरप: कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका की खारिज

कोडीन कफ सिरप: कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका की खारिज

संक्षेप:

Ghazipur News - - मुख्य आरोपित शुभम का पिता भोला जायसवाल भी कोर्ट में हुआ पेश- मुख्य आरोपित शुभम का पिता भोला जायसवाल भी कोर्ट में हुआ पेश- मुख्य आरोपित शुभम का पिता

Jan 06, 2026 11:17 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गाजीपुर
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गाजीपुर, कार्यालय संवाददाता। कोडीन कफ सिरप केस में मंगलवार को एनडीपीएस एक्ट विशेष न्यायाधीश और अपर सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह की अदालत ने स्वास्तिक मेडिकल एजेंसी के प्रोपराइटर सर्वांश की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अगर आरोपी जमानत पर रिहा होता है तो विवेचना पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। साथ ही कोर्ट ने खाद्य व औषधि प्रशासन एवं राज्यकर के अधिकारियों की निष्क्रियता पर टिप्पड़ी की। कोर्ट ने आदेश की एक- एक प्रति राज्यकर विभाग के अपर मुख्य सचिव और खाद्य व औषधि प्रशासन के प्रमुख सचिव व आयुक्त को भेजने का आदेश दिया है। इस मामले में सोनभद्र जिला कारागार से आरोपी भोला जायसवाल भी न्यायालय में प्रस्तुत हुआ था, जिसे फिर पुलिस फिर से सोनभद्र कारागार लेकर रवाना हो गई।

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न्यायाधीश शक्ति सिंह ने जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए कहा कि आरोपी सर्वांश वर्मा के भूमिका की बात की जाए तो जो ई- बिल जारी हुए हैं, उन पर किसी भी वाहन स्वामी अथवा चालक की रिसीविंग नहीं है। जिन वाहनों से माल ले जाना बताया गया है, उन वाहन स्वामियों के बयान विवेचक द्वारा अंकित किए गए हैं। जिनके द्वारा किसी भी प्रकार के माल ले जाने की बात से इंकार किया गया है। विवेचक को विवेचना के दौरान कुछ बिल मिले हैं, जो प्रथम दृष्टया फर्जी प्रतीत हो रहे हैं। आरोपी की फर्म से विभिन्न तिथियों पर करीब दो करोड़ रुपये के आसपास की धनराशि कोडीनयुक्त सिरप के नाम पर स्थानांतरित किया जाना बताया गया है। विवेचक द्वारा राज्यकर विभाग से जो प्रपत्र प्राप्त किया है, उसमें भी अलग- अलग वाहनों से एक ही तिथि पर भारी मात्रा में कोडीनयुक्त कफ सिरप की आपूर्ति किया जाना बताया गया है। विवेचक द्वारा संकलित साक्ष्य से आरोपी सर्वांश वर्मा के खिलाफ प्रथमदृष्टया मामला बनता प्रतीत होता है। मामले में फिलहाल विवेचना जारी है। इस स्तर पर अगर आरोपी को जमानत पर रिहा किया जाता है तो विवेचना पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में न्यायालय ने आरोपी का जमानत प्रार्थना-पत्र निरस्त कर दिया।