मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शां की तलाश तेज, 'फाटक' और करीबियों के 61 ठिकानों पर छापेमारी
यूपी में गाजीपुर पुलिस ने 'ऑपरेशन वज्र' के तहत मुख्तार अंसारी के IS-191 गैंग के 61 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। 50 हजार की इनामी आफ्शां अंसारी की तलाश में मुहम्मदाबाद स्थित उनके आवास 'फाटक' पर भी तलाशी ली गई।

UP News: उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुख्तार अंसारी के संगठित आपराधिक नेटवर्क (IS-191 गैंग) को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए अपना शिकंजा और कस दिया है। देर रात पुलिस ने ‘ऑपरेशन वज्र’ के तहत एक साथ 61 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य पिछले काफी समय से फरार चल रही मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शां अंसारी का सुराग लगाना और गैंग की भविष्य की गतिविधियों को रोकना है। पुलिस की टीम मुख्तार अंसारी के घर (फाटक) पर भी पहुंची। यहां उनके भाई से पूछताछ की गई।
'फाटक' आवास पर पुलिस की दस्तक
अभियान के दौरान पुलिस की सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाई मुहम्मदाबाद स्थित अंसारी परिवार के पैतृक आवास 'फाटक' पर हुई। 50 हजार रुपये की इनामी आफ्शां अंसारी की तलाश में भारी पुलिस बल ने आवास की तलाशी ली। इस दौरान पुलिस टीम सांसद अफजाल अंसारी के आवास पर भी पहुंची। पुलिस ने वहां मौजूद मुख्तार के बड़े भाई और पूर्व विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी से काफी देर तक पूछताछ की। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि आफ्शां अंसारी को छिपने में कौन मदद कर रहा है और उसके संभावित ठिकाने कहां हो सकते हैं।
5 थानों की 12 टीमों का 'ऑपरेशन वज्र'
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा के निर्देश पर इस विशाल सर्च ऑपरेशन के लिए मुहम्मदाबाद, भांवरकोल, करंडा, जंगीपुर और सदर कोतवाली की 12 विशेष टीमों का गठन किया गया था। एसपी ने बताया कि पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि गैंग के सदस्य जिले में अवांछनीय गतिविधियों को अंजाम देने और शांति व्यवस्था को भंग करने की फिराक में हैं।
इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने गैंग के 61 सक्रिय सदस्यों और करीबियों की संपत्तियों, हथियारों के लाइसेंस और आय के स्रोतों की गहनता से जांच की। पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर 24 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे गुप्त स्थानों पर पूछताछ की जा रही है।
90 शस्त्रों का सत्यापन और आर्थिक प्रहार
पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस गैंग से जुड़े सदस्यों के पास कुल 90 लाइसेंसी असलहे दर्ज हैं। इनमें से कई शस्त्रों के लाइसेंस पहले ही निरस्त किए जा चुके हैं। एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि पुलिस अब एक-एक शस्त्र का भौतिक सत्यापन कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निरस्तीकरण के बाद वे असलहे मालखाने या अधिकृत दुकानों पर जमा हैं या नहीं।
इसके साथ ही, पुलिस सभी सदस्यों का नया 'डोजियर' (आपराधिक कच्चा चिट्ठा) तैयार कर रही है। जो सदस्य छापेमारी के वक्त अपने घरों पर नहीं मिले, उनके लिए पुलिस की सर्विलांस टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। पुलिस का मानना है कि इस स्तर की छापेमारी से गैंग की आर्थिक रीढ़ टूटेगी और फरार इनामी अपराधियों पर दबाव बढ़ेगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि माफिया नेटवर्क से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


