जेन जी आंदोलन की आड़ में ‘जेन अल्फा’ को उकसाया, पूरे सियासी खेल की परतें खोलने में लगी पुलिस
यूपी के फतेहपुर में छात्रों का प्रदर्शन एक साजिश थी। आरोप है कि कुछ नेताओं ने जेन-जी की आड़ लेकर जेन अल्फा (छोटे स्कूली बच्चों) को उकसाया। पुलिस पूरे सियासी खेल की परतें खोलने में लग गई हे।
यूपी के फतेहपुर में सर्वोदय इंटर कॉलेज, किशनपुर में मंगलवार को अव्यवस्थाओं के नाम पर किया गया छात्रों का प्रदर्शन एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था। आरोप है कि कुछ नेताओं ने जेन-जी की आड़ लेकर जेन अल्फा (छोटे स्कूली बच्चों) को मोहरा बनाया। इस पूरे आंदोलन की पटकथा एक दिन पहले ही लिख ली गई थी। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर चुके खागा के एक छात्र ने इसकी अगुवाई की। वहीं एक राजनीतिक दल से जुड़े नेता की फंडिंग पर रातों रात खागा की एक दुकान से पोस्टर और बैनर छपवाए गए। पुलिस और प्रशासन अब इस पूरे सियासी खेल की परतें उधेड़ने में जुटा है। प्रशासन ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी है।
पहली नजर में ऐसा प्रतीत होता है कि प्रदर्शन स्कूल में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर था। बच्चों ने समस्याओं के खिलाफ प्रदर्शन कर आवाज उठाई और स्कूल प्रशासन ने उनकी मांगें मान लीं। हालांकि, इतने व्यवस्थित ढंग से प्रदर्शन का आयोजन करना केवल बच्चों के बूते की बात नहीं माना जा रहा है। इसी बिंदु को आधार बनाकर पुलिस और प्रशासन जांच कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, अब तक की जांच में सामने आया है कि खागा निवासी इंटरमीडिएट का एक छात्र जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में भी शामिल हुआ था। उसके साथ किशनपुर का अंकुर भी मौजूद था। दोनों आपस में अच्छे मित्र बताए जाते हैं। खागा के छात्र ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट और वीडियो साझा कर किशनपुर के प्रदर्शन में शामिल होने की बात भी कही है। उसने आरोप लगाया कि एक दारोगा ने प्रदर्शन को लेकर उससे पूछताछ की और उत्पीड़न किया। छात्र ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर बच्चों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
यूपी के शिक्षामंत्री से भी मांगा इस्तीफा
इंटर कॉलेज में हुए प्रदर्शन के कथित सूत्रधार खागा के छात्र ने केंद्रीय शिक्षामंत्री की तरह प्रदेश के शिक्षामंत्री संदीप सिंह से भी इस्तीफे की मांग की है। छात्र का दावा है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई है और सरकार इस मामले को लेकर संवेदनहीन है। ऐसी स्थिति में शिक्षामंत्री को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।
जनप्रतिनिधि से भी हुआ था प्रधानाचार्य का विवाद
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ माह पहले किशनपुर के एक स्थानीय जनप्रतिनिधि का प्रधानाचार्य से विवाद हुआ था। बताया जाता है कि जनप्रतिनिधि की मौरंग, गिट्टी आदि स्कूल के आसपास तथा स्कूल की जमीन पर रखी हुई थी, जिसे प्रधानाचार्य ने हटवा दिया था। जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित जनप्रतिनिधि प्रबंध समिति में शामिल होने का प्रयास कर रहा था। इन सभी बिंदुओं पर पुलिस की आंतरिक जांच जारी है। हालांकि, बच्चों के प्रदर्शन में इन तथ्यों की क्या भूमिका रही, इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हो सकी है।
क्या था पूरा मामला
बताते चलें कि सर्वोदय इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को कॉलेज गेट पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया था। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे। अपनी मांगों को लेकर छात्र आक्रोशित हो रहे थे। उनकी मांगें उचित होने के कारण प्रशासन को आनन-फानन में मौके पर पहुंचकर उन्हें लिखित आश्वासन देना पड़ा। साथ ही उनकी मांगों पर तत्काल कार्य भी शुरू करा दिया गया। कॉलेज की कक्षाओं में पंखे, आरओ प्लांट और वाटर कूलर लगवा दिए गए, जबकि खेल मैदान की भी सफाई करा दी गई।


