GDA की नई पहल, अब AI बोट करेगा नक्शे की जांच, तुरंत बताएगा कहां है कमी
जीडीए में भवन मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाने की दिशा में नई पहल की जा रही है। दरअसल, अब आवेदन के पहले आवेदक एआई आधारित बोट की मदद से खामियों की स्वतः पहचान कर सकेगा।

UP News: गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) में भवन मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाने की दिशा में नई पहल की जा रही है। अब ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम पर आवेदन के पूर्व आवेदक एआई आधारित बोट की मदद से खामियों की स्वतः पहचान कर सकेगा।
मानचित्र स्वीकृत करने के लिए आवेदन के पूर्व आवेदक एआई बोट पर आवेदन पत्र और अपलोड किए जाने वाले मानचित्रों का परीक्षण कर सकेगा। एआई बोट तत्काल बताएगा कि किस बिंदु पर कमी या त्रुटि है। इससे बार-बार फाइल लौटाने की आवश्यकता कम होगी और स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी आएगी। इसे लेकर जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि एआई बोट की सुविधा जल्द उपलब्ध कराई जाएगी। इससे मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया में त्रुटियों की संभावना भी कम होगी। आवेदकों, निवेशकों और कर्मियों का समय व खर्च दोनों बचेगा।
दूसरे-चौथे गुरुवार को लगेंगे मानचित्र निस्तारण शिविर
गीडा मानचित्र समाधान मेला माह के दूसरे और चौथे गुरुवार को आयोजित करेगा। पिछले गुरुवार को आयोजित शिविर में 26 मानचित्र स्वीकृत कर 43 लंबित प्रकरणों निस्तारित किए गए। प्राधिकरण ने अब तक की सबसे बड़ी एक दिवसीय उपलब्धि करार दिया है। अब यह सिलसिले को प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल निरंतरता देंगे। बीते गुरुवार का लगे शिविर में 52 आवेदकों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें से 43 पुराने लंबित मामलों का समाधान हुआ। आपत्तियों के कारण लंबित और निरस्त मानचित्रों की समीक्षा कर यथासंभव आपत्तियों का निस्तारण कर तत्काल 26 मानचित्रों को स्वीकृति दी गई। इन मानचित्रों के सापेक्ष करीब 1.90 करोड़ रुपये की आय हुई। प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने कहा कि आवेदक स्वयं या अपने आर्किटेक्ट या इंजीनियर के साथ निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर लंबित मानचित्रों का निस्तारण कराएं।
अब शमन मानचित्र पास कराना होगा आसान
जीडीए ने शमन मानचित्र निस्तारण को सहज बनाने का निर्णय लिया है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल की प्राधिकरण के चार जोन के लिए से हर सप्ताह कम से कम 60 शमन मानचित्र दाखिल कर आवश्यक कार्रवाई करने का लक्ष्य तय किया है। साथ ही सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में तेजी लाने एवं अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रशिक्षण की व्यापक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। वाद अनुभाग की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने संबंधित सहायक अभियंताओं और अवर अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक जोन से साप्ताहिक आधार पर कम से कम 15 शमन मानचित्र दाखिल करें। उपाध्यक्ष ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और अनधिकृत कालोनियों को किसी भी कीमत पर बढ़ावा नहीं मिलने देंगे।
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
और पढ़ें

