
समलैंगिक संबंध-ब्लैकमेलिंग का मामला, कारोबारी ने सुनाई अपहरण की कहानी, 5 गिरफ्तार
आगरा में कारोबारी का अपहरण और लूट का मामला पलट गया है। पुलिस ने 24 घंटे में इसका खुलासा कर दिया है। पूरा मामला समलैंगिग संबंध और ब्लैकमेलिंग का निकला है।
ताजनगरी आगरा में एक कारोबारी के साथ हुई कथित लूट और अपहरण की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस की जांच में यह पूरी कहानी मनगढ़ंत और फर्जी निकली। असल में यह मामला समलैंगिक संबंधों और उसके बाद हुई ब्लैकमेलिंग का है। पुलिस ने इस मामले में हाथरस के एक गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो फेसबुक के जरिए लोगों को फंसाकर शिकार बनाते थे।
पुलिस के अनुसार, हाथरस के रहने वाले व्यापारी ने शिकायत की थी कि आगरा में उसका अपहरण कर लूटपाट की गई है। आनलाइन फिरौती की वसूली हुई। जब पुलिस ने जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्य (सर्वेलांस) खंगाले तो कहानी पूरी तरह बदल गई। पता चला कि व्यापारी अपनी मर्जी से अपने एक फेसबुक फ्रेंड से मिलने आगरा आया था। दोनों के बीच पहले से ही फेसबुक के माध्यम से बातचीत हो रही थी।
वीडियो बनाने पर बिगड़ी बात, ब्लैकमेलिंग का खेल
पूछताछ में सामने आया कि व्यापारी जब अपने फेसबुक फ्रेंड से मिलने पहुंचा तो वहां पहले से ही हाथरस का एक गैंग सक्रिय था। इन लोगों ने व्यापारी के साथ समलैंगिक संबंध बनाते समय आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। इसी वीडियो के आधार पर व्यापारी को डराया-धमकाया गया और उससे मोटी रकम की मांग की गई। व्यापारी ने डर के मारे कुछ रकम आरोपियों के खाते में ट्रांसफर भी कर दी थी। बदनामी के डर से व्यापारी ने इसे 'अपहरण और लूट' का रंग देने की कोशिश की।
हाथरस का गैंग और गिरफ्तार आरोपी
आगरा पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए हाथरस गैंग के पांच सदस्यों को दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रामेश्वर, पारस, पिंटू और अभिषेक के रूप में हुई है (पांचवें आरोपी का नाम भी जांच में शामिल है)। पुलिस ने इनके पास से घटना में इस्तेमाल मोबाइल और कुछ अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं।
एसपी सिटी ने बताया कि यह गैंग सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर संपन्न लोगों को निशाना बनाता था। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि उन्होंने अब तक और कितने लोगों को इस तरह अपना शिकार बनाया है। पुलिस ने साफ किया कि अपहरण जैसा कोई कृत्य नहीं हुआ था, बल्कि यह पूरी तरह ब्लैकमेलिंग और फिरौती का मामला है।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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