
सड़कों पर खतरा बन रहे गोवंश, सार्वजनिक जगहों पर कुत्ते
Gauriganj News - सुप्रीम कोर्ट ने सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं और कुत्तों को हटाने का आदेश दिया है। जिले में पिछले तीन वर्षों में छुट्टा मवेशियों के हमले में सात लोगों की जान जा चुकी है। प्रशासन ने सभी मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया है। वर्तमान में 126 गो-आश्रय स्थल संचालित हैं।
अमेठी,संवाददाता। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सड़कों पर टहल रहे आवारा पशुओं और कुत्तों को हटाने के निर्देश दिए हैं। जिले की सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी संख्या में छुट्टा मवेशी और आवारा कुत्ते घूमते नजर आते हैं। स्थिति यह है कि पिछले तीन वर्षों में जिले में छुट्टा मवेशियों के चलते सात लोगों की जान जा चुकी है, जबकि रोजाना दर्जनों लोग आवारा कुत्तों के काटने से घायल हो रहे हैं। गांवों से लेकर कस्बों तक सड़कों पर बैठे या घूमते मवेशी न केवल ट्रैफिक बाधित करते हैं, बल्कि आए दिन दुर्घटनाओं का कारण भी बनते हैं। आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन सालों में सात लोगों को छुट्टा मवेशियों के हमले में अपनी जान गंवानी पड़ी है।
इस वर्ष अब तक दो लोगों की मौत हुई है। पिछले वर्ष दो और उससे पहले तीन लोग घायल होकर मौत का शिकार हो चुके हैं। प्रशासन ने सभी मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए का मुआवजा प्रदान किया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. कृष्ण गोपाल के अनुसार, जिले में वर्तमान में 126 गो-आश्रय स्थल संचालित हैं। जहां लगभग 27 हजार से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि सात नए वृहद गो-आश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं। ताकि छुट्टा मवेशियों को सुरक्षित रखा जा सके। हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर दिखाती है।

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