Gauriganj News: बरसात के बाद सड़कों पर बढ़ी छुट्टा पशुओं की संख्या
Gauriganj News: अमेठी में बारिश के बाद सड़कों पर छुट्टा गोवंश की संख्या में वृद्धि हुई है। पशु सड़क किनारे बैठकर वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं, खासकर रात में। प्रशासन द्वारा छुट्टा गोवंश को पकड़ने के लिए कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि यह समस्या यातायात और पशुओं की जान के लिए गंभीर है।

Gauriganj News: अमेठी। बारिश के बाद जिले की सड़कों पर छुट्टा गोवंश की समस्या एक बार फिर बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर कस्बों और प्रमुख मार्गों तक बड़ी संख्या में गोवंश सड़कों पर टहलते रहते हैं। बारिश से बचने के लिए पशु सड़क किनारे, चौराहों और डिवाइडर के आसपास झुंड बनाकर बैठ रहे हैं। इससे वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है और सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। सबसे अधिक परेशानी रात के समय होती है। अंधेरे में सड़क पर बैठे पशु वाहन चालकों को दूर से दिखाई नहीं देते। अचानक सामने आने पर वाहन चालक नियंत्रण खो सकते हैं।
कई बार तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से पशु भी घायल होते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के बाद यह समस्या और गंभीर हो जाती है। खेतों और खुले स्थानों में पानी भरने के कारण भी गोवंश सड़कों की ओर आ जाते हैं। सुल्तानपुर-रायबरेली राजमार्ग पर जगह-जगह पर छुट्टा पशुओं का डेरा है । गौरीगंज कोतवाली के पास 4 से 6 की संख्या में छुट्टा पशु दिनभर टहलते रहते हैं। चौक बाजार में भी पशु टहलते रहते हैं। जिनसे हादसे का खतरा बना हुआ है। मुंशीगंज रोड पर सराय भागमानी गांव के पास सड़क पर दर्जनों की संख्या में पशु बैठे रहते हैं। संस्कार ग्लोबल स्कूल के आगे दरपीपुर के बीच में दर्जनों की संख्या में पशु आते जाते रहते हैं। यही हाल मुसाफिरखाना रोड पर भी है।जिले में 107 गोवंश आश्रय स्थल: छुट्टा गोवंश को संरक्षित करने के लिए जिले में वर्तमान में कुल 107 गोवंश आश्रय स्थल संचालित हैं। इनमें पहले 29 हजार से अधिक गोवंश को संरक्षित किया गया था। गोवंशों को सुपुर्दगी में दिए जाने और प्राकृतिक मृत्यु के बाद वर्तमान में करीब 21,300 गोवंश विभिन्न आश्रय स्थलों में संरक्षित हैं। इसके बावजूद सड़कों पर छुट्टा पशुओं की मौजूदगी खत्म नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क पर बैठे पशुओं की समस्या केवल यातायात के लिए खतरा नहीं है, बल्कि इससे पशुओं की जान भी जोखिम में रहती है। ऐसे में प्रशासन की ओर से समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाए तो बारिश के बाद बढ़ी इस समस्या के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं पर भी काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। चलाया जाएगा अभियान:इस संबंध में सीडीओ पूजा साहू ने बताया कि सड़कों पर टहल रहे छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए सभी बीडीओ को निर्देशित किया जाएगा।


