स्मार्ट मीटर से बढ़ी बिजली उपभोक्ताओं की परेशानी
Gauriganj News - गौरीगंज में स्मार्ट मीटर व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन रही है। समय पर बिल जमा करने के बावजूद बिजली सप्लाई नहीं मिल रही है। उपभोक्ताओं ने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। ऊर्जा सेवा पोर्टल भी बेअसर साबित हो रहा है, जिससे समस्याएं और बढ़ रही हैं।

गौरीगंज, संवाददाता। विद्युत महकमे की स्मार्ट मीटर व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए राहत की बजाय परेशानी का कारण बनती जा रही है। हालात यह हैं कि समय से बिजली बिल जमा करने के बावजूद उपभोक्ता अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। जिम्मेदार वितरण निगम या पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की बात कहते हुए अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। विद्युत कर्मियों की लापरवाही और विभागीय धांधली से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। नहीं हो पा रहा समस्या का समाधान : जिले में बिजली के 3 लाख 42 हजार उपभोक्ता हैं। जिसमें से 77430 उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाया गया है।
ये स्मार्ट मीटर ही उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। सैकड़ों उपभोक्ता स्मार्ट मीटर की गड़बड़ी की शिकायत लेकर अधीक्षण अभियंता से लेकर एसडीओ कार्यालय तक भटक रहे हैं। लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। नगरपालिका क्षेत्र निवासी शिवराम ने बताया कि एसडीओ कार्यालय में 53 हजार रुपए बिल जमा कर दिया गया। लेकिन सप्लाई नहीं शुरू हो सकी। शिकायत पोर्टल 1912 से लेकर अधिकारियों के कार्यालय तक में शिकायत दर्ज कराई गई। लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। 10 हजार का बकाया बताया जा रहा है। जबकि 13 हजार रुपए जमा हैं, उसका विवरण ही गायब कर दिया गया। वहीं छेदीलाल सोनी ने बताया कि बिल जमा कर दिया गया। 10 दिन बाद दोबारा से 30 हजार का बकाया दिखाते हुए लाइन काट दी गई। भर्रहा तिवारी ने बताया कि 56 हजार बकाया बताया गया। जिसको जमा कर दिया गया, लेकिन अगले महीने फिर से 46 हजार बकाया का बिल आ गया और लाइन काट दी गई। नगर पालिका के चौक बाजार निवासी विकास कौशल की भी यही समस्या है। जिले में मौजूद अधिकारी कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से समस्याएं और बढ़ गई हैं। जबकि विभाग इसे सुविधा के रूप में प्रस्तुत कर रहा था।ऊर्जा सेवा पोर्टल बेअसर : बिजली विभाग द्वारा जारी ऊर्जा सेवा पोर्टल भी उपभोक्ताओं के लिए बेअसर साबित हो रहा है। शिकायत दर्ज कराने के बाद भी न तो समस्या का समाधान हो रहा है और न ही सही जानकारी मिल रही है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन शिकायत करने पर बिना मौके पर जांच किए ही फर्जी निस्तारण दिखा दिया जाता है, जिससे उनकी समस्या जस की तस बनी रहती है। विभागीय स्तर पर कोई पारदर्शिता नहीं है और बिलिंग के नाम पर लगातार अनियमितताएं की जा रही हैं।
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