बदहाली का शिकार रामगंज रेलवे हाल्ट
Gauriganj News - 1966 में बना हाल्ट आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित, यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर सवालबदहाली का शिकार रामगंज रेलवे हाल्टबदहाली का शिकार रामगंज रे

भादर। दशकों तक वीवीआईपी संसदीय क्षेत्र में शुमार रेलवे हाल्ट अब भी विकास से वंचित है। अमेठी के पूर्वी छोर पर स्थित रामगंज रेलवे हाल्ट, जिसकी स्थापना वर्ष 1966 में हुई थी,समय के साथ संवरने के बजाय और अधिक बदहाल होता चला गया है। प्रयागराज-अयोध्या रेलखंड पर स्थित यह हाल्ट आज घनी कंटीली झाड़ियों से घिरा हुआ है। दोनों ओर उगी बबूल की झाड़ियां पूरे हाल्ट को जंगल का रूप दे चुकी हैं। टिकट काउंटर की व्यवस्था न होने से यात्रियों को मजबूरी में बिना टिकट यात्रा करनी पड़ती है, जो नियमों के साथ-साथ यात्रियों के लिए भी जोखिम भरा है।
जिले के पूर्वी छोर पर स्थित यह रेलवे हाल्ट सामरिक और व्यावसायिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। रामगंज कस्बे के अलावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ग्रुप केंद्र शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान त्रिशुंडी, कोका-कोला कंपनी, इंडेन बॉटलिंग प्लांट त्रिशुंडी सहित कई औद्योगिक इकाइयां इसके निकट स्थित हैं। इसके बावजूद यात्रियों के लिए पीने का पानी, बिजली, शौचालय और बैठने जैसी बुनियादी सुविधाएं आज तक उपलब्ध नहीं कराई गईं। हाल्ट पर बना भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिसकी छत बीच से टूटी हुई है। शाम ढलते ही घनी झाड़ियों के कारण अराजक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है, जिससे महिलाएं और आम नागरिक यहां आने से कतराते हैं। दो प्रमुख धार्मिक स्थलों अयोध्या और प्रयागराज को जोड़ने वाले इस रेलखंड पर स्थित होने के बावजूद दशकों से यह हाल्ट उपेक्षा का शिकार है।

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