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साधन सहकारी समितियों पर नही पर डीएपी-

अमेठी। गेंहूं की बुआई का समय आ गया है। किसान खेतों की तैयारी कर रहे

साधन सहकारी समितियों पर नही पर डीएपी-
हिन्दुस्तान टीम,गौरीगंजWed, 29 Nov 2023 06:05 PM
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अमेठी। गेंहूं की बुआई का समय आ गया है। किसान खेतों की तैयारी कर रहे हैं। गेहूं की बुआई के समय किसानों को जिस डीएपी खाद की आवश्यकता है वह साधन सहकारी समितियों से नदारद है। कुछ दिनों पहले कुछ साधन सहकारी समितियों पर डीएपी आई थी लेकिन वह देखते ही देखते समाप्त हो गयी। अब किसान खाद के लिए रोज बिक्री केंद्रों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

जिले की अधिकांश साधन सहकारी समितियों पर डीएपी नहीं है। अधिकांश किसानों को खाद मिलने की आस साधन सहकारी समिति से ही रहती है। राजापुर, अमेरूआ, मिसरौली, बड़गांव, गोरखापुर, गडेरी, कोरारी, पलिया, नेवादा सहित अधिकांश समितियों पर इस समय डीएपी खाद नहीं है। किसान सुबह शाम समितियों का चक्कर लगा रहे हैं। सचिव द्वारा खाद नहीं आने की बात जब बताई जाती है तो वे निराश होकर घर लौटने को मजबूर हैं।

समितियों पर आते ही घंटो में बंट गई डीएपी:संग्रामपुर विकासखंड के साधन सहकारी समिति गोरखापुर, राजापुर, अमेरूआ तथा खेरौना पर कुछ दिनों पहले डीएपी जैसे ही आई वैसे ही किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। देखते ही देखते कुछ ही देर में खाद का स्टॉक समाप्त हो गया। बुधवार को साधन सहकारी समिति खेरौना में डीएपी का वितरण शुरू हुआ और दोपहर तक डीएपी खत्म हो गई। सुबह से लाइन लगाए बैठे किसानों का सब्र जब जवाब दे गया तो किसानों ने खाद वितरण में अधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगा दिया। मोचवा गांव के किसान कामता प्रसाद ने बताया कि वे सुबह से लाइन में लगे थे। चार बीघा जमीन की खेतौनी दिया लेकिन खाद चार बोरी के सापेक्ष केवल एक बोरी ही मिली। नुवावां गांव निवासी किसान सुन्दर ने बताया उन्हें चार की जगह दो बोरी खाद ही मिली जबकि कुछ लोगों को पांच से सात बोरी डीएपी दी गयी।

डीएपी की कालाबाजारी बढ़ी:मोचवा, नुवांवा, तारापुर के कई किसानों ने बताया कि कुछ लोग साधन सहकारी समितियों तथा इफ्को सेवा केन्द्र से डीएपी लेकर किसानों को पंद्रह सौ रूपए में बेच रहे हैं। मजबूरन किसान बिचौलिए से डीएपी अधिक दाम देकर खरीद रहे हैं। डीएपी की किल्लत से इसकी कालाबाजारी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।

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