आईटीआई भवन बनकर तैयार, पढ़ाई का इंतजार
Gauriganj News - महोना में निर्मित राजकीय आईटीआई भवन सात वर्षों से संचालन का इंतजार कर रहा है। छात्रों में मायूसी है क्योंकि शिक्षण कार्य शुरू नहीं हो सका है। भवन में सभी जरूरी सुविधाएं हैं, लेकिन अभी तक कक्षाएं संचालित नहीं हो रही हैं। विधायक सुरेश पासी ने जल्द ही प्रशिक्षण शुरू कराने का आश्वासन दिया है।

शुकुल बाजार। मुस्लिम बाहुल्य इलाके के छात्र-छात्राओं को तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से महोना में निर्मित राजकीय आईटीआई भवन सात वर्षों से संचालन का इंतजार कर रहा है। सब कुछ दुरुस्त होने के बाद भी इसमें शिक्षण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे क्षेत्र के युवाओं में मायूसी है। तकनीकी शिक्षा की चाह रखने वाले छात्र-छात्राएं अब भी अन्य स्थानों पर भटकने को मजबूर हैं। क्षेत्र के महोना गांव में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सत्थिन (आईटीआई) का भवन बनकर तैयार हो चुका है। कार्यदायी संस्था द्वारा एक वर्ष पूर्व भवन विभाग को सुपुर्द भी किया जा चुका है।
बावजूद इसके परिसर में न तो कक्षाएं संचालित हो रही हैं और न ही शिक्षक-कर्मचारियों की तैनाती हो सकी है। करोड़ों की लागत से बना यह संस्थान फिलहाल निष्प्रयोज्य साबित हो रहा है। भवन में छात्रों की चहल-पहल की जगह पक्षियों का बसेरा दिखाई देता है। वर्ष 2018 में तत्कालीन सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी तथा क्षेत्रीय विधायक सुरेश पासी ने इस आईटीआई भवन की आधारशिला रखी थी। जिससे क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा उपलब्ध हो सके।भूमि विवाद के चलते बदली जगहशुरुआत में प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत वित्तीय वर्ष 2015-16 में सत्थिन गांव में 8 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से भवन निर्माण प्रस्तावित था। भूमि विवाद और न्यायालय में मामला लंबित होने के कारण योजना को महोना गांव में स्थानांतरित कर दिया गया। यहां उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा दो मंजिला भवन तैयार कर विभाग को सौंपा जा चुका है। लेकिन इसके संचालन की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है।भवन में सभी जरूरी सुविधाएं मौजूदनवनिर्मित आईटीआई में चार वर्कशॉप, प्रिंसिपल कक्ष, कार्यालय, समूह प्रशिक्षक कक्ष और स्टोर रूम के साथ अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा कंप्यूटर रूम, छह क्लासरूम, हॉल, रैम्प, शौचालय और पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है। संस्थान में इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल मेंटिनेंस सहित विभिन्न ट्रेड शुरू किए जाने का प्रस्ताव है।बोले विधायकक्षेत्रीय विधायक सुरेश पासी ने कहा कि उनका प्रयास है कि जल्द ही प्रशिक्षण शुरू कराया जाए। ताकि छात्र-छात्राएं अपने क्षेत्र में ही तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर सकें।कोट:भवन का हस्तांतरण निदेशालय को किया जा चुका है। इसे संचालित करने की प्रक्रिया चल रही है। संभवतः अगस्त तक आईटीआई में प्रवेश प्रारंभ हो जाएगा।विवेक कुमारप्रधानाचार्य, राजकीय आईटीआई गौरीगंज
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