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गौरीगंज

अमेठी : खाद्य तेलों के दामों में उछाल से जिंदगी हुई दुश्वार

हिन्दुस्तान टीम,गौरीगंजPublished By: Newswrap
Mon, 14 Jun 2021 11:10 PM
अमेठी : खाद्य तेलों के दामों में उछाल से जिंदगी हुई दुश्वार

मुसाफिरखाना। सब्जियों के भाव में उतार चढ़ाव तो आम बात रही है लेकिन अब खाद्य तेलों के दामों में आए बड़े उछाल ने आम आदमी को बड़ा झटका दिया है। ऐसे में गरीब को गुजारे के लिए नमक तेल रोटी भी अब आसानी से मुयस्सर नहीं हो पा रही है। महंगाई का आलम यह है कि डालडा और तेल के भावों में पचास फीसदी से अधिक का उछाल देखने को मिल रहा है।

कोरोना काल में एक तो हाथ से काम चला गया। जिससे गरीब की आमदनी में खासी गिरावट हो गई है। ऐसे में मेहनत मजदूरी करने वाले लोगों को घर चलाने की चिंता पहले से ही थी। उस पर आसमान छूते खाद्य तेल और दाल के भाव ने जिंदगी की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। गरीब और मध्यम वर्गीय तबके के लोग महंगाई से सबसे ज्यादा हलाकान हैं। मेहनतकश मजदूरों के लिए नमक तेल रोटी भी अब दूर की कौड़ी नजर आने लगी है। किसान के घर पैदा होने वाले गेंहू और चावल के भाव अपने निम्नतम स्तर पर है। लेकिन सरसों के तेल, रिफाइंड और डालडा तीनों के भाव इस समय आसमान छू रहे हैं। ऐसे में अनाज बेचकर भी गुजारा करना संभव नहीं दिख रहा है। आम आदमी जैसे तैसे अपना गुजारा करते हुए बढ़ती महंगाई को कोस रहा है।

खाद्य तेलों के भाव मे 50 फीसदी का उछाल

सामान्य तौर पर जिस सरसों के तेल का भाव 105 से 110 रुपये हुआ करता था उसका प्रति लीटर भाव अब 165 से 170 रुपये है। सभी प्रकार के रिफाइंड का पहले सामान्य भाव 110 से 115 रुपये प्रतिलीटर हुआ करता था। जो अब 165 रुपये प्रति लीटर है। इसी प्रकार सामान्य दिनों में 90 से 95 रुपये लीटर बिकने वाला डालडा अब 140 रुपये में बिक रहा है।

गृहणियों को रसोई का बजट बिगड़ने की चिंता

खाद्य तेलों पर महंगाई की मार पर सुशीला ओझा, सतबिन्दर कौर, रागिनी टंडन, रानी मिश्रा, पूनम शुक्ला आदि गृहणियों ने चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि रसोई के लगभग सभी व्यंजनों की मौलिक आवश्यकता खाद्य तेल हैं। हर हाल में हमें इसे महंगे दाम पर जब खरीदना पड़ता है तो रसोई का बजट बिगड़ना स्वाभाविक है। रोज कमाने और रोज खाने वाले तबके के लिए तो अब नमक तेल रोटी का जुगाड़ भी भारी लगने लगा है।

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