
अमेठी-मुसाफिरखाना में आर-पार की लड़ाई के मूड में अधिवक्ता
Gauriganj News - अमेठी में अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। अधिवक्ताओं ने एसडीएम को हटाने की मांग करते हुए न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। उनका आरोप है कि एसडीएम न्यायिक कार्यों में मनमानी कर रहे हैं और उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
अमेठी। मुसाफिरखाना तहसील में अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच टकराव लगातार गहराता जा रहा है। अधिवक्ताओं ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए साफ कर दिया है कि जब तक एसडीएम को हटाया नहीं जाता, तब तक न्यायिक कार्यों का पूर्ण बहिष्कार जारी रहेगा। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने इस संबंध में प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि एसडीएम द्वारा न्यायिक कार्यों में मनमानी की जा रही है और अधिवक्ताओं की बातों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे न सिर्फ वादकारियों को परेशानी हो रही है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे उन्हें यह कड़ा कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा। बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि न्यायिक गरिमा और अधिवक्ताओं के सम्मान से जुड़ा हुआ है। यदि प्रशासन ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं, इस पूरे मामले पर एसडीएम अभिनव कनौजिया ने अधिवक्ताओं के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। एसडीएम का कहना है कि अधिवक्ता मनमाने ढंग से आदेश करवाना चाहते हैं, जो नियमों के विपरीत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायिक कार्य कानून और प्रक्रिया के अनुसार ही किए जाएंगे और किसी के दबाव में निर्णय नहीं लिया जाएगा। अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार से तहसील में न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। जिससे दूर-दराज से आए वादकारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं। अब सबकी नजर जिला प्रशासन पर टिकी है कि वह इस विवाद को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाता है।

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