DA Image
Friday, December 3, 2021
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश गौरीगंजअमेठी-दुश्मन भी करते थे प्रभु श्री राम की प्रशंसा: आचार्य राजन

अमेठी-दुश्मन भी करते थे प्रभु श्री राम की प्रशंसा: आचार्य राजन

हिन्दुस्तान टीम,गौरीगंजNewswrap
Sun, 14 Nov 2021 07:15 PM
अमेठी-दुश्मन भी करते थे प्रभु श्री राम की प्रशंसा: आचार्य राजन

गौरीगंज। जिला मुख्यालय गौरीगंज में विधायक राकेश सिंह के व्यवस्थापन में उनके निवास मंगलम परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा के तीसरे दिन कथा व्यास राजन महाराज ने राम जन्म के प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि दुश्मन भी प्रभु श्री राम की प्रशंसा करते थे।

राम चरित मानस की चौपाई बैरिउ राम बड़ाई करहीं के प्रसंग की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि एक दिन युद्ध में राम जी ने रावण के सभी शस्त्र काट दिए। रावण मूर्छित होकर गिर गया। प्रभु चाहते तो उसे मार सकते थे। रावण भी यही सोच रहा था कि आज वह राम के हाथों मार दिया जाएगा। लेकिन भगवान राम ने उसके उठने का इंतजार किया। रावण के उठने पर राम ने कहा कि युद्ध का निर्णय फिर किया जाएगा। रावण तुम आज काफी थक चुके हो। आज जाओ और विश्राम कर लो। रावण अपने महल में पहुचा तो बिना कुछ खाये पिए अपने को एक कमरे में बन्द कर राम जी के इस स्वभाव के बारे में सोचने लगा। चिंतित मंदोदरी के पूछने पर उसने राम जी इस स्वभाव की बड़ाई की। राजन महराज ने कहा कि एवरेस्ट पर तो कई लोग चढ़ गए लेकिन कैलाश पर्वत पर आज तक कोई नहीं पहुंच सका। उन्होंने बताया कि गूगल द्वारा क्लोज सर्किट से ली गई तस्वीरों से पता चलता है कैलाश में 50-60 फ़ीट ऊंची 6-7 मूर्तियों की छवि दिखती है। जिससे स्पष्ट है कि आज भी भगवान शिव सपरिवार कैलाश पर्वत पर वास करते हैं। भगवान राम के प्राकट्योत्सव का सजीव चित्रण करते हुए कथा वाचक ने भजनों, बधाई गीत व सोहर के माध्यम पांडाल को भक्ति भाव मय कर दिया।

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें