दो गांवों के सैकड़ों परिवार बेलन नदी के पानी से बुझा रहे प्यास
Gangapar News - एक किमी दूर से लाते हैं नदी का पानी ग्रामीणों ने बीडीओ को दिया ज्ञापन , दोनों गांवों के सभी हैंडपंप खराब मांडा। बेरी ग्राम पंचायत के कई मजरों में प
बेरी ग्राम पंचायत के कई मजरों में पेयजल की किल्लत से ग्रामवासी परेशान हैं। पांडेयपुर, धइकरान बस्ती, पाल, बिहारी, मुस्लिम व पटेल बस्तियों में लगे लगभग 22 हैंडपंप पानी उगलना बंद कर दिए हैं। पीने के पानी के लिए लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित बेलन नदी से पानी ले आकर लोग अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं। पेयजल संकट से जूझ रहे मांडा विकास खंड के बेरी व पूरा पांडेय गांव के तमाम लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व प्रधान अवधनारायण की अगुवाई में मांडा ब्लाक में खंड विकास अधिकारी अनीस अहमद से मिलकर अपनी व्यथा सुनाई। उनका कहना था कि खराब पड़े दोनों गांवों के दर्जनों हैंडपंप ठीक नहीं कराए जा रहे हैं , जिससे वे नदी का पानी पीने को मजबूर हैं।
अपनी दुख भरी कहानी सुनाने वाले अधिकांश लोग दलित और पिछड़े वर्ग के थे। बीडीओ ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि शीघ्र ही खराब पड़े हैंडपंपों को दुरुस्त कराया जाएगा। उन्होंने संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव को प्रकरण का निस्तारण कराने का निर्देश दिया। प्रतिनिधि मंडल में पूर्व ग्राम प्रधान अवध नारायण के अलावा तौलन प्रसाद, गणेश शंकर, महेश, राम बहादुर, बुद्धिराम पाल, राकेश कुमार, दीपांश कुमार, मोतीलाल आदि तमाम लोग शामिल रहे। वित्तीय अनियमितता के आरोप में जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत बेरी का खाता सीज कर कार्य संचालन के लिए त्रिस्तरीय समिति का गठन कर दिया है, लेकिन इसके बाद भी विकास कार्य अवरुद्ध पड़ा हुआ है और छोटे मोटे काम भी नहीं हो पा रहे हैं। यही कारण है कि खराब पड़े हैंडपंप भी ठीक नहीं कराए जा रहे हैं। प्रतिनिधि मंडल के लोगों ने बीडीओ मांडा को सूची देकर बताया कि पूरा पांडेय गांव में शिव जोखन कोल, मंगला कोल, कलंदर धरिकार, कैलाश धरिकार, चंद्र शेखर ओझा, नथई कोरी, प्रशांत कुमार, नंद लाल धरिकार और बेरी गांव के संगम लाल गुप्ता, चेंदुल पाल, सत्य नारायण पाल, धर्म राज पाल, अवध नारायण आदि के घर के पास लगे सरकारी इंडिया मार्का हैंडपंप पिछले छह महीने से खराब हैं। दोनों गांवों के सभी हैंडपंप खराब होने से ग्रामीणों को घर से एक किमी दूर बेलन नदी से भीषण धूप और गर्मी में पानी लाकर किसी तरह अपने परिवार की प्यास बुझानी पड़ रही है। नदी का पानी पीने से ग्रामीणों में संक्रामक रोगों का भी भय बना हुआ है। प्रतिनिधि मंडल ने बीडीओ मांडा से गांव में टैंकर से पेयजल आपूर्ति कराने की भी मांग की है।
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